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Pratinidhi Kahaniyan : Ismat Chugtai

Rs. 99

उर्दू कथा-साहित्य में इस्मत चुग़ताई एक ऐसा नुमाया नाम है, जिसने साहित्य और साहित्य से बाहर हर तरह की रूढ़ परम्परा को नामंजूर किया। जिस दौर और जिस समाज से उनकी क़लम का रिश्ता रहा है, एक महिला कथाकार के नाते उसे अपनी शर्तों पर निबाह ले जाना बेहद मुश्किल... Read More

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RAM AVTAR MEENA
Pratinidhi Kahaniyan : Ismat Chugtai

बेहद बेहतरीन उम्दा अफ़साने I

Description

उर्दू कथा-साहित्य में इस्मत चुग़ताई एक ऐसा नुमाया नाम है, जिसने साहित्य और साहित्य से बाहर हर तरह की रूढ़ परम्परा को नामंजूर किया। जिस दौर और जिस समाज से उनकी क़लम का रिश्ता रहा है, एक महिला कथाकार के नाते उसे अपनी शर्तों पर निबाह ले जाना बेहद मुश्किल काम था।
इस संग्रह में चुग़ताई की चुनिन्दा कहानियाँ शामिल हैं। ये कहानियाँ हमारी दुनिया और उसकी समाजी सच्चाइयों का ऐसा बयान हैं जिनकी कड़वाहट पर भरोसा किया जा सकता है। इनके माध्यम से हम आज की उस जद्दोजहद से वाबस्ता होते हैं जो इनसानी वजूद और इनसानियत के हक़ में सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। आदमी द्वारा आदमी पर होनेवाला ज़ुल्म और ऐसे आदमी को पैदा करनेवाले निज़ाम की तीखी आलोचना इन कहानियों में पूरी कलात्मकता के साथ मौजूद है।
यथार्थ की गहरी पकड़, नए अर्थ खोलती अछूती उपमाएँ, बेबाकी-भरा व्यंग्यात्मक लहज़ा, चरित्रों का स्वाभाविक विकास और शब्दों का बेहद किफ़ायती इस्तेमाल इस्मत चुग़ताई के रचनाकर्म की कुछ ख़ास ख़ूबियाँ हैं। Urdu katha-sahitya mein ismat chugtai ek aisa numaya naam hai, jisne sahitya aur sahitya se bahar har tarah ki rudh parampra ko namanjur kiya. Jis daur aur jis samaj se unki qalam ka rishta raha hai, ek mahila kathakar ke nate use apni sharton par nibah le jana behad mushkil kaam tha. Is sangrah mein chugtai ki chuninda kahaniyan shamil hain. Ye kahaniyan hamari duniya aur uski samaji sachchaiyon ka aisa bayan hain jinki kadvahat par bharosa kiya ja sakta hai. Inke madhyam se hum aaj ki us jaddojhad se vabasta hote hain jo insani vajud aur insaniyat ke haq mein sabse zyada zaruri hai. Aadmi dvara aadmi par honevala zulm aur aise aadmi ko paida karnevale nizam ki tikhi aalochna in kahaniyon mein puri kalatmakta ke saath maujud hai.
Yatharth ki gahri pakad, ne arth kholti achhuti upmayen, bebaki-bhara vyangyatmak lahza, charitron ka svabhavik vikas aur shabdon ka behad kifayti istemal ismat chugtai ke rachnakarm ki kuchh khas khubiyan hain.