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Khile Matritva Goonjein Kilkariyan

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यह पुस्तक उन दिनों की साथी है जब मन में माता-पिता बनने के मीठे सपने खिलने लगते हैं और घर किलकारियों से गूँज उठता है। सन्तान-बीज के गर्भ में आने से लेकर शिशुजन्म और बच्चे की पहली वर्षगाँठ तक समस्त जानकारियों को सरल व स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करनेवाली यह... Read More

Description

यह पुस्तक उन दिनों की साथी है जब मन में माता-पिता बनने के मीठे सपने खिलने लगते हैं और घर किलकारियों से गूँज उठता है।
सन्तान-बीज के गर्भ में आने से लेकर शिशुजन्म और बच्चे की पहली वर्षगाँठ तक समस्त जानकारियों को सरल व स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करनेवाली यह पुस्‍तक सभी दम्पतियों, दादा-दादियों और नाना-नानियों के लिए पठनीय है—कैसे करें गर्भधारण की तैयारी, गर्भधारण के लिए महीने की कौन-सी तिथियाँ अनुकूल हैं, क्या बेटे या बेटी का पहले से चुनाव हो सकता है, गर्भावस्था की रोमांचक घटनाएँ, बच्चा गर्भ में कब से आँख-मिचौनी खेलना शुरू कर देता है, गर्भावस्था में क्या खाएँ और क्यों, आरामदेह मुद्राएँ और लाभकारी व्यायाम, डॉक्टरी जाँच-परीक्षण : कब और कैसे, अल्ट्रासाउंड और दूसरे टेस्ट कब-कब किए जाते हैं, आम तकलीफ़ : कैसे पाएँ निजात, कैसे करें शिशु के आगमन की तैयारी, बच्चे का जन्म कैसे होता है, सीज़ेरियन की ज़रूरत कब-कब होती है, बच्चे की सँभाल के लिए क्या-क्या बातें जानना ज़रूरी है, बच्चे को कब, कौन-से टीके लगवाने होते हैं।
एक बेहद महत्‍त्‍वपूर्ण और संग्रहणीय पुस्‍तक। Ye pustak un dinon ki sathi hai jab man mein mata-pita banne ke mithe sapne khilne lagte hain aur ghar kilkariyon se gunj uthta hai. Santan-bij ke garbh mein aane se lekar shishujanm aur bachche ki pahli varshganth tak samast jankariyon ko saral va spasht shabdon mein prastut karnevali ye pus‍tak sabhi dampatiyon, dada-dadiyon aur nana-naniyon ke liye pathniy hai—kaise karen garbhdharan ki taiyari, garbhdharan ke liye mahine ki kaun-si tithiyan anukul hain, kya bete ya beti ka pahle se chunav ho sakta hai, garbhavastha ki romanchak ghatnayen, bachcha garbh mein kab se aankh-michauni khelna shuru kar deta hai, garbhavastha mein kya khayen aur kyon, aaramdeh mudrayen aur labhkari vyayam, dauktri janch-parikshan : kab aur kaise, altrasaund aur dusre test kab-kab kiye jate hain, aam taklif : kaise payen nijat, kaise karen shishu ke aagman ki taiyari, bachche ka janm kaise hota hai, sizeriyan ki zarurat kab-kab hoti hai, bachche ki sanbhal ke liye kya-kya baten janna zaruri hai, bachche ko kab, kaun-se tike lagvane hote hain.
Ek behad mahat‍‍vapurn aur sangrahniy pus‍tak.