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Udaasi Baal Khole So Rahi Hai

Nasir kazmi

Rs. 199.00

नासिर रज़ा काज़मी 8 दिसंबर 1923 को अंबाला में पैदा हुए। इस्लामिया कॉलेज लाहौर से एफ़. ए. पास करने के बा’द बी. ए. में पढ़ रहे थे, इम्तिहान दिए बग़ैर वतन अंबाला वापस चले गए। 1947 में दोबारा लाहौर गए। एक साल तक ‘औराक़-ए-नौ’ के नाम की पत्रिका संपादक-मंडल में...

Description

नासिर रज़ा काज़मी 8 दिसंबर 1923 को अंबाला में पैदा हुए। इस्लामिया कॉलेज लाहौर से एफ़. ए. पास करने के बाद बी. ए. में पढ़ रहे थे, इम्तिहान दिए बग़ैर वतन अंबाला वापस चले गए। 1947 में दोबारा लाहौर गए। एक साल तक ‘औराक़-ए-नौ के नाम की पत्रिका संपादक-मंडल में शामिल रहे। अक्तूबर 1952 से पत्रिका ‘हुमायूँ का संपादन कार्य संभला। नासिर की शेर-गोई का आग़ाज़ 1940 से हुआ। हफ़ीज़ होशयार पूरी के शागिर्द रहे। आज़ादी के बाद उर्दू ग़ज़ल को नई ज़िन्दगी देने में उनका नुमायाँ हिस्सा है। 2 मार्च 1972 को लाहौर में आख़िरी साँस ली। उनकी किताबों के नाम ये हैं: ‘बर्ग-ए-नय, ‘दीवान, ‘पहली बारिश, ‘ख़ुश्क चश्मे के किनारे (लेख)  ‘निशात-ए-ख़्वाब, ‘इन्तिख़ाब-ए-नज़ीर अकबराबादी, ‘इन्तिख़ाब-ए-कलाम-ए-मीर

  • Binding: Paperback
  • Pages: 133
  • ISBN No. 9788194415008
  • Language: Urdu (Devanagari Script) 
  • Year Published: 2020
  • Dimensions: 5.5 in x 8.5 in