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Sardaar Patel : Vyaktitva, Vichar Evam Rashtra Nirman

Janak Singh Meena

Rs. 595.00

प्रस्तुत पुस्तक सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व, उनके दर्शन एवं राष्ट्र निर्माण में किये गये योगदान पर केन्द्रित है। इसमें सरदार पटेल के प्रारम्भिक जीवन से लेकर अन्तिम क्षणों तक किये गये कार्य, उनमें विद्यमान गुण एवं विशेषताएँ, विचार एवं दर्शन, शिक्षा, व्यवसाय, सार्वजनिक जीवन में प्रवेश, आन्दोलनों में... Read More

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Vendor: Vani Prakashan Categories: Vani Prakashan Tags: Criticism
Description
प्रस्तुत पुस्तक सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व, उनके दर्शन एवं राष्ट्र निर्माण में किये गये योगदान पर केन्द्रित है। इसमें सरदार पटेल के प्रारम्भिक जीवन से लेकर अन्तिम क्षणों तक किये गये कार्य, उनमें विद्यमान गुण एवं विशेषताएँ, विचार एवं दर्शन, शिक्षा, व्यवसाय, सार्वजनिक जीवन में प्रवेश, आन्दोलनों में निभायी गयी भूमिका, जेल में बिताये गये दिन, भारत की स्वाधीनता में भूमिका, भारत का एकीकरण, भारत विभाजन, राष्ट्र निर्माण, प्रशासनिक योगदान एवं दृष्टिकोण, पटेल के समकालीन महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू के साथ सम्बन्ध, पटेल का राष्ट्रवाद एवं राष्ट्र निर्माण, भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात् उनकी भूमिका को विस्तृत रूप से 11 अध्यायों के अन्तर्गत उल्लिखित किया गया है। यह पुस्तक सरदार पटेल के विचारों के सम्बन्ध में भ्रान्तियों का तर्क एवं तथ्यों के माध्यम से खण्डन करते हुए यथार्थ को उजागर करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस पुस्तक में केन्द्रित विचार एवं विमर्श हैं- • विषय परिचय एवं प्रस्तावना • जीवन परिचय, व्यक्तित्व एवं कृतित्व • सरदार पटेल का सार्वजनिक जीवन में प्रवेश एवं कार्य • सरदार पटेल का आन्दोलनों में अवदान ● भारत की स्वाधीनता में योगदान • पटेल का लोकसेवाओं के लिए निर्णय • सरदार पटेल का राजनीतिक-प्रशासनिक योगदान • सरदार पटेल के समकालीन • महात्मा गाँधी एवं जवाहरलाल नेहरू के साथ सम्बन्ध • भारत का एकीकरण • पटेल का राष्ट्रवाद एवं राष्ट्र निर्माण।