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Samkaleen Antarashtriya Sambandh

Vivek Ojha

Rs. 350 Rs. 312

यह पुस्तक अन्तरराष्ट्रीय राजनीति और सम्बन्धों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर समसामयिक सन्दर्भों और घटनाक्रम को अद्यतन रूप में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में भारत की विदेश नीति की उभरती प्रवृत्तियों, विकसित-विकासशील देशों की राजनीति को प्रभावित करनेवाले कारकों और पोस्ट कोविड विश्व-व्यवस्था की सम्‍भावित प्रकृति को विस्तार... Read More

Description

यह पुस्तक अन्तरराष्ट्रीय राजनीति और सम्बन्धों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर समसामयिक सन्दर्भों और घटनाक्रम को अद्यतन रूप में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में भारत की विदेश नीति की उभरती प्रवृत्तियों, विकसित-विकासशील देशों की राजनीति को प्रभावित करनेवाले कारकों और पोस्ट कोविड विश्व-व्यवस्था की सम्‍भावित प्रकृति को विस्तार से समाहित किया गया है।
इसमें उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इस पुस्तक को समावेशी बनाने का प्रयास करते हुए पाठ्यक्रम के सभी महत्‍त्‍वपूर्ण विषयों को प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। Ye pustak antarrashtriy rajniti aur sambandhon ki gatishil prkriti ko dhyan mein rakhkar samsamyik sandarbhon aur ghatnakram ko adytan rup mein prastut karti hai. Pustak mein bharat ki videsh niti ki ubharti prvrittiyon, viksit-vikasshil deshon ki rajniti ko prbhavit karnevale karkon aur post kovid vishv-vyvastha ki sam‍bhavit prkriti ko vistar se samahit kiya gaya hai. Ismen un sabhi pahaluon ko tathyatmak aur vishleshnatmak taur par prastut kiya gaya hai jo sivil seva aur vishvvidyalyon ki parikshaon mein puchhe jate hain. Is pustak ko samaveshi banane ka pryas karte hue pathyakram ke sabhi mahat‍‍vapurn vishyon ko prasangik rup mein prastut kiya gaya hai.