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SAMAJWAD KYON?

JAIPRAKASH NARAYAN TRANS. ASHOK KUMAR

Rs. 195

About the Book:इस पुस्तक का उद्येश्य समाजवाद की सैद्धान्तिक व्याख्या करना नहीं हैं। यह पुस्तक इसलिए लिखी गयी है कि राष्ट्रीय आन्दोलन के वर्तमान चरण में उभरी कुछ समस्याओं, और इस आन्दोलन की भावी दिशा से सम्बन्धित मसले पर प्रकाश डाला जा सके।About the Author:जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर 1902-8 अक्टूबर... Read More

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About the Book:
इस पुस्तक का उद्येश्य समाजवाद की सैद्धान्तिक व्याख्या करना नहीं हैं। यह पुस्तक इसलिए लिखी गयी है कि राष्ट्रीय आन्दोलन के वर्तमान चरण में उभरी कुछ समस्याओं, और इस आन्दोलन की भावी दिशा से सम्बन्धित मसले पर प्रकाश डाला जा सके।

About the Author:
जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर 1902-8 अक्टूबर 1979) भारत की उन महान शख्सियतों में शामिल हैं जिन्होंने स्वाधीनता आन्दोलन में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी और आजादी के बाद सार्वजनिक जीवन तथा विमर्श को गहराई से प्रभावित-आलोड़ित किया। 1942 की अगस्त क्रान्ति के वह महानायक थे।
Description

About the Book:
इस पुस्तक का उद्येश्य समाजवाद की सैद्धान्तिक व्याख्या करना नहीं हैं। यह पुस्तक इसलिए लिखी गयी है कि राष्ट्रीय आन्दोलन के वर्तमान चरण में उभरी कुछ समस्याओं, और इस आन्दोलन की भावी दिशा से सम्बन्धित मसले पर प्रकाश डाला जा सके।

About the Author:
जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर 1902-8 अक्टूबर 1979) भारत की उन महान शख्सियतों में शामिल हैं जिन्होंने स्वाधीनता आन्दोलन में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी और आजादी के बाद सार्वजनिक जीवन तथा विमर्श को गहराई से प्रभावित-आलोड़ित किया। 1942 की अगस्त क्रान्ति के वह महानायक थे।

Additional Information
Title

Default title

Publisher Setu Prakashan Pvt. Ltd.
Language Hindi
ISBN 9789395160827
Pages 152
Publishing Year 2023

SAMAJWAD KYON?

About the Book:
इस पुस्तक का उद्येश्य समाजवाद की सैद्धान्तिक व्याख्या करना नहीं हैं। यह पुस्तक इसलिए लिखी गयी है कि राष्ट्रीय आन्दोलन के वर्तमान चरण में उभरी कुछ समस्याओं, और इस आन्दोलन की भावी दिशा से सम्बन्धित मसले पर प्रकाश डाला जा सके।

About the Author:
जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर 1902-8 अक्टूबर 1979) भारत की उन महान शख्सियतों में शामिल हैं जिन्होंने स्वाधीनता आन्दोलन में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी और आजादी के बाद सार्वजनिक जीवन तथा विमर्श को गहराई से प्रभावित-आलोड़ित किया। 1942 की अगस्त क्रान्ति के वह महानायक थे।