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Pahar Dhalte

Manzoor Ehtesham

Rs. 395 Rs. 352

Rajkamal Prakashan

बीहड़ सर्दियों की एक रात के आहिस्ता-आहिस्ता ढलते पहर। फ़ज़ा को इमरज़ेंसी के नाख़ूनों ने जकड़ रखा है। शहर की आम बस्तियों से दूर एक आलीशान कोठी के अँधेरे-उजाले में हरकत करते कुछ किरदार, लेखन में उन्हें, रात के अँधेरे में, एक शातिर जासूस की महारत के साथ, ऐसे पकड़ा... Read More

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Description

बीहड़ सर्दियों की एक रात के आहिस्ता-आहिस्ता ढलते पहर। फ़ज़ा को इमरज़ेंसी के नाख़ूनों ने जकड़ रखा है। शहर की आम बस्तियों से दूर एक आलीशान कोठी के अँधेरे-उजाले में हरकत करते कुछ किरदार, लेखन में उन्हें, रात के अँधेरे में, एक शातिर जासूस की महारत के साथ, ऐसे पकड़ा गया है कि वे कभी यथार्थ लगते हैं कभी फ़ैन्टेसी। इन्हें देखकर सहसा मुक्तिबोध की लम्बी कविता ‘अँधेरे में’ के चरित्र याद आते हैं। इन चरित्रों में नवाब, बेगम, अफ़सर, मंत्री, व्यापारी, क़व्वाल, औरतें, ख़ादिम, शोहदे, सब हैं। अपनी-अपनी ज़िम्मेदारियों से बच निकलने का पार्ट अदा करते हुए। इस भुतहा नाटक में पाखंड, गुरूर, नफ़रत, ईर्ष्या, सूफ़ियाना क़लाम, इश्क, पछतावा, आँसू, फ़रेब, मक्कारी सभी के रक़्स हैं। रात के एक हिस्से की कहानी के बाहर जाने कितनी और रातें और दिन हैं जहाँ लेखक हमें ले जाता है, और फिर वापस ले आता है, वर्तमान में सक्रिय भूतों की बारात के बीचोबीच। Bihad sardiyon ki ek raat ke aahista-ahista dhalte pahar. Faza ko imarzensi ke nakhunon ne jakad rakha hai. Shahar ki aam bastiyon se dur ek aalishan kothi ke andhere-ujale mein harkat karte kuchh kirdar, lekhan mein unhen, raat ke andhere mein, ek shatir jasus ki maharat ke saath, aise pakda gaya hai ki ve kabhi yatharth lagte hain kabhi faintesi. Inhen dekhkar sahsa muktibodh ki lambi kavita ‘andhere men’ ke charitr yaad aate hain. In charitron mein navab, begam, afsar, mantri, vyapari, qavval, aurten, khadim, shohde, sab hain. Apni-apni zimmedariyon se bach nikalne ka part ada karte hue. Is bhutha natak mein pakhand, gurur, nafrat, iirshya, sufiyana qalam, ishk, pachhtava, aansu, fareb, makkari sabhi ke raqs hain. Raat ke ek hisse ki kahani ke bahar jane kitni aur raten aur din hain jahan lekhak hamein le jata hai, aur phir vapas le aata hai, vartman mein sakriy bhuton ki barat ke bichobich.