BackBack
-11%

Nai Paudh

Nagarjun

Rs. 125 Rs. 111

‘नई पौध’ की कहानी अति सरल है। गाँव के बड़े-बूढ़ों की ज़िद तोड़कर तरुणों ने एक लड़की के जीवन को चौपट होने से बचा लिया—बे-मेल शादियों की यह समस्या हमारे ग्रामीण समाज में आज भी विकराल रूप में मौजूद है। इस समस्या का विप्लवी समाधान नई पीढ़ी ही दे सकती... Read More

BlackBlack
Description

‘नई पौध’ की कहानी अति सरल है। गाँव के बड़े-बूढ़ों की ज़िद तोड़कर तरुणों ने एक लड़की के जीवन को चौपट होने से बचा लिया—बे-मेल शादियों की यह समस्या हमारे ग्रामीण समाज में आज भी विकराल रूप में मौजूद है। इस समस्या का विप्लवी समाधान नई पीढ़ी ही दे सकती है...
नागार्जुन का यह उपन्यास, आकार में लघु होने पर भी, प्रभाव के लिहाज़ से बड़ा ही व्यापक साबित हुआ है...प्रकृति की मनोरम पट-भूमि पर कथाकार ने घटनाओं का मोहक ताना-बाना सजाया है। विशिष्ट आलोचकों ने नागार्जुन की इस कथाकृति की भूरि-भूरि सराहना की है और साधारण पाठकों ने भी इसे बेहद पसन्द किया है। ‘nai paudh’ ki kahani ati saral hai. Ganv ke bade-budhon ki zid todkar tarunon ne ek ladki ke jivan ko chaupat hone se bacha liya—be-mel shadiyon ki ye samasya hamare gramin samaj mein aaj bhi vikral rup mein maujud hai. Is samasya ka viplvi samadhan nai pidhi hi de sakti hai. . . Nagarjun ka ye upanyas, aakar mein laghu hone par bhi, prbhav ke lihaz se bada hi vyapak sabit hua hai. . . Prkriti ki manoram pat-bhumi par kathakar ne ghatnaon ka mohak tana-bana sajaya hai. Vishisht aalochkon ne nagarjun ki is kathakriti ki bhuri-bhuri sarahna ki hai aur sadharan pathkon ne bhi ise behad pasand kiya hai.