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Mis Teen Wala

Saadat Hasan Manto

Rs. 250

Vani Prakashan

मंटो फ़रिश्ता नहीं, इन्सान है। इसीलिए उसके चरित्र गुनाह करते हैं। दंगे करते हैं। न उसे किसी चरित्र से प्यार है न हमदर्दी। मंटो न पैगंबर है न उपदेशक। उसका जन्म ही कहानी कहने के लिए हुआ था। इसलिए फ़्साद की बेरहम कहानियाँ लिखते हुए भी उस का कलम पर... Read More

Description

मंटो फ़रिश्ता नहीं, इन्सान है। इसीलिए उसके चरित्र गुनाह करते हैं। दंगे करते हैं। न उसे किसी चरित्र से प्यार है न हमदर्दी। मंटो न पैगंबर है न उपदेशक। उसका जन्म ही कहानी कहने के लिए हुआ था। इसलिए फ़्साद की बेरहम कहानियाँ लिखते हुए भी उस का कलम पर पूरी तरह काबू रहता था। मंटो की खूबी यह भी थी की वो चुटकी बजते लिखी जाने वाली कहानियाँ भी आज उर्दू-हिन्दी अफ़साने का एक महत्व्व्पूर्ण हिस्सा बन चुकी है। यह पुस्तक पाठक को मंटो के विभिन्न रंगो से रू-ब-रु करती है। manto farishta nahin, insan hai. isiliye uske charitr gunah karte hain. dange karte hain. na use kisi charitr se pyaar hai na hamdardi. manto na paigambar hai na updeshak. uska janm hi kahani kahne ke liye hua tha. isaliye fsaad ki berham kahaniyan likhte hue bhi us ka kalam par puri tarah kabu rahta tha. manto ki khubi ye bhi thi ki wo chutki bajte likhi jane vali kahaniyan bhi aaj urdu hindi afsane ka ek mahatvvpurn hissa ban chuki hai. ye pustak pathak ko manto ke vibhinn rango se ru ba ru karti hai.