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Lok Ka Prabhash

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प्रभाष जोशी ने हिन्दी पत्रकारिता को नए मुक़ाम तक पहुँचाया। शब्द और कर्म की एकता के विश्वासी प्रभाष जोशी ने जन-सम्बद्ध पत्रकारिता के एक नए दौर की शुरुआत की। उनके द्वारा सम्पादित 'जनसत्ता' अपने समय की जन-संवेदना का नायाब दस्तावेज़ है। हिन्दी पत्रकारिता के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभानेवाले प्रभाष... Read More

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Description

प्रभाष जोशी ने हिन्दी पत्रकारिता को नए मुक़ाम तक पहुँचाया। शब्द और कर्म की एकता के विश्वासी प्रभाष जोशी ने जन-सम्बद्ध पत्रकारिता के एक नए दौर की शुरुआत की। उनके द्वारा सम्पादित 'जनसत्ता' अपने समय की जन-संवेदना का नायाब दस्तावेज़ है।
हिन्दी पत्रकारिता के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभानेवाले प्रभाष जोशी के जीवन की यह कहानी उनके समय की भी कहानी है, क्योंकि उनके लिखने और जीने की एक ही मंज़िल थी—लोक-सम्बद्धता।
इस लोक-सम्बद्ध व्यक्तित्व की जीवन-गाथा के अनेक पड़ाव हैं। इस जीवनी में आपको उन पड़ावों का विस्तृत और प्रामाणिक विवरण मिलेगा। प्रभाष जी के व्यक्तिगत जीवन के अनजाने प्रसंगों से आप रू-ब-रू होंगे। उनके सार्वजनिक जीवन के निर्भय सोच के सन्दर्भों से आप अवगत होंगे।
हिन्दी के जीवनी साहित्य की परम्परा में प्रभाष जी की यह शोधपरक जीवनी एक नई पहल है। प्रभाष जी की लोक-सम्बद्ध जीवन-दृष्टि को समझने और उसका विस्तार करने में यह जीवनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। Prbhash joshi ne hindi patrkarita ko ne muqam tak pahunchaya. Shabd aur karm ki ekta ke vishvasi prbhash joshi ne jan-sambaddh patrkarita ke ek ne daur ki shuruat ki. Unke dvara sampadit jansatta apne samay ki jan-sanvedna ka nayab dastavez hai. Hindi patrkarita ke vikas mein aitihasik bhumika nibhanevale prbhash joshi ke jivan ki ye kahani unke samay ki bhi kahani hai, kyonki unke likhne aur jine ki ek hi manzil thi—lok-sambaddhta.
Is lok-sambaddh vyaktitv ki jivan-gatha ke anek padav hain. Is jivni mein aapko un padavon ka vistrit aur pramanik vivran milega. Prbhash ji ke vyaktigat jivan ke anjane prsangon se aap ru-ba-ru honge. Unke sarvajnik jivan ke nirbhay soch ke sandarbhon se aap avgat honge.
Hindi ke jivni sahitya ki parampra mein prbhash ji ki ye shodhaprak jivni ek nai pahal hai. Prbhash ji ki lok-sambaddh jivan-drishti ko samajhne aur uska vistar karne mein ye jivni mahattvpurn bhumika nibhayegi.