BackBack
-11%

Kya Karen?

Rs. 150 Rs. 134

कोई एक कथाकृति किसी समाज को किस हद तक प्रभावित कर सकती है और इतिहास-निर्माताओं की एक पूरी पीढ़ी को शिक्षित–दीक्षित करने में कितनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, इसे जानने के लिए उन्नीसवीं शताब्दी के आख़िरी चार दशकों (और बीसवीं शताब्दी के पहले दशक) के दौरान रूसी समाज, और... Read More

BlackBlack
Description

कोई एक कथाकृति किसी समाज को किस हद तक प्रभावित कर सकती है और इतिहास-निर्माताओं की एक पूरी पीढ़ी को शिक्षित–दीक्षित करने में कितनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, इसे जानने के लिए उन्नीसवीं शताब्दी के आख़िरी चार दशकों (और बीसवीं शताब्दी के पहले दशक) के दौरान रूसी समाज, और विशेषकर युवा समुदाय पर, ‘क्या करें?’ के प्रभाव का अध्ययन किया जा सकता है।
यह उपन्यास अपने समय के प्रगतिशील युवाओं के सामने व्यावहारिक कार्रवाई की एक ठोस योजना प्रस्तुत करता है। ‘क्या करें?’ उपन्यास में एकदम नए क़िस्म के लोगों के जीवन की कहानी प्रस्तुत की गई है, जिनके सर्वथा नई क़िस्म की नैतिक और सामाजिक विचार थे, नए क़िस्म का पारिवारिक जीवन था। वे अपने श्रम के सहारे जीवनयापन करनेवाले लोग थे जो अपने व्यावहारिक जीवन के उदाहरण से लोगों को समाजवाद के विचारों का क़ायल करते थे। 1860 के दशक के रूस में प्रस्तुत चरित्र निस्सन्देह भविष्य के नागरिक थे। Koi ek kathakriti kisi samaj ko kis had tak prbhavit kar sakti hai aur itihas-nirmataon ki ek puri pidhi ko shikshit–dikshit karne mein kitni mahattvpurn bhumika nibha sakti hai, ise janne ke liye unnisvin shatabdi ke aakhiri char dashkon (aur bisvin shatabdi ke pahle dashak) ke dauran rusi samaj, aur visheshkar yuva samuday par, ‘kya karen?’ ke prbhav ka adhyyan kiya ja sakta hai. Ye upanyas apne samay ke pragatishil yuvaon ke samne vyavharik karrvai ki ek thos yojna prastut karta hai. ‘kya karen?’ upanyas mein ekdam ne qism ke logon ke jivan ki kahani prastut ki gai hai, jinke sarvtha nai qism ki naitik aur samajik vichar the, ne qism ka parivarik jivan tha. Ve apne shram ke sahare jivanyapan karnevale log the jo apne vyavharik jivan ke udahran se logon ko samajvad ke vicharon ka qayal karte the. 1860 ke dashak ke rus mein prastut charitr nissandeh bhavishya ke nagrik the.