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Katha Viraat

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भारत का स्वाधीनता आन्दोलन जिस प्रकार से लड़ा गया उसमें आए अनेक उतार-चढ़ाव और संघर्ष हमें प्राचीन ‘महाभारत’ की याद दिलाते हैं। ‘कथा विराट’ के 18 अध्यायों में भारतीयों द्वारा अंग्रेज़ों के विरुद्ध लड़े गए आधुनिक महाभारत की वृहद् कथा बेहद दिलचस्प और तथ्यपरक ढंग से शृंखलाबद्ध है। यह सन्... Read More

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Description

भारत का स्वाधीनता आन्दोलन जिस प्रकार से लड़ा गया उसमें आए अनेक उतार-चढ़ाव और संघर्ष हमें प्राचीन ‘महाभारत’ की याद दिलाते हैं। ‘कथा विराट’ के 18 अध्यायों में भारतीयों द्वारा अंग्रेज़ों के विरुद्ध लड़े गए आधुनिक महाभारत की वृहद् कथा बेहद दिलचस्प और तथ्यपरक ढंग से शृंखलाबद्ध है। यह सन् 1915 से 1950 तक के 35 वर्षों के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण का एक सजीव इतिहास है।
महात्मा गांधी तो इस युग की आत्मा थे, किन्तु इस कथाकृति के महानायक हैं राष्ट्र-निर्माता सरदार पटेल। यह उपन्यास सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा वर्तमान के एकीकरण के लिए किए गए भगीरथ प्रयत्नों को समझने की एक दुर्लभ कुंजी भी है। Bharat ka svadhinta aandolan jis prkar se lada gaya usmen aae anek utar-chadhav aur sangharsh hamein prachin ‘mahabharat’ ki yaad dilate hain. ‘katha virat’ ke 18 adhyayon mein bhartiyon dvara angrezon ke viruddh lade ge aadhunik mahabharat ki vrihad katha behad dilchasp aur tathyaprak dhang se shrinkhlabaddh hai. Ye san 1915 se 1950 tak ke 35 varshon ke svtantrta sangram aur rashtr nirman ka ek sajiv itihas hai. Mahatma gandhi to is yug ki aatma the, kintu is kathakriti ke mahanayak hain rashtr-nirmata sardar patel. Ye upanyas sardar vallabhbhai patel dvara vartman ke ekikran ke liye kiye ge bhagirath pryatnon ko samajhne ki ek durlabh kunji bhi hai.