BackBack
-11%

Itihaskaar Ka Matantar

Rs. 250 Rs. 223

पाकिस्तान के पाठ्यक्रम में इतिहास की जो पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं, उनमें भारत और हिन्दुओं का उल्लेख एक शत्रु देश और शत्रु के रूप में किया गया है। उनमें पाकिस्तान का इतिहास शुरू होता है मुहम्मद–बिन–कासिम के भारत आक्रमण से। भगत सिंह, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, महात्मा गांधी, सुभाषचन्द्र बोस, ख़ान अब्दुल... Read More

BlackBlack
Description

पाकिस्तान के पाठ्यक्रम में इतिहास की जो पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं, उनमें भारत और हिन्दुओं का उल्लेख एक शत्रु देश और शत्रु के रूप में किया गया है। उनमें पाकिस्तान का इतिहास शुरू होता है मुहम्मद–बिन–कासिम के भारत आक्रमण से। भगत सिंह, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, महात्मा गांधी, सुभाषचन्द्र बोस, ख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ाँ जैसे स्वाधीनता–सेनानियों का उनमें कोई उल्लेख नहीं। स्वाधीनता–सेनानियों के रूप में इक़बाल, मुहम्मद अली ज़िन्ना, लियाक़त अली ख़ाँ जैसे लोगों का ही नाम है जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध न तो कोई जंग की, न ही जेल गए। वहाँ के इतिहास में औरंगजेब को महानायक तथा अकबर को खलनायक के रूप में चित्रित किया गया है। इतिहास को तोड़–मरोड़कर पेश करने की परम्परा केवल पाकिस्तान में ही नहीं, हमारे देश में भी रही है। फ़र्क़ केवल मात्रा का है। वहाँ यह मानसिकता प्रचुर मात्रा में है तो यहाँ अल्प। मसलन हिन्दू कट्टरवादियों द्वारा बाबर को भारत पर आक्रमणकारी तथा हिन्दू विरोधी के रूप में चित्रित किया जाता है और आज भी भारतीय मुसलमानों को बाबर की सन्तान कहकर कोसा जाता है। Pakistan ke pathyakram mein itihas ki jo pustken padhai jati hain, unmen bharat aur hinduon ka ullekh ek shatru desh aur shatru ke rup mein kiya gaya hai. Unmen pakistan ka itihas shuru hota hai muhammad–bin–kasim ke bharat aakrman se. Bhagat sinh, ashfaqulla khan, mahatma gandhi, subhashchandr bos, khan abdul gaffar khan jaise svadhinta–senaniyon ka unmen koi ullekh nahin. Svadhinta–senaniyon ke rup mein iqbal, muhammad ali zinna, liyaqat ali khan jaise logon ka hi naam hai jinhonne british hukumat ke viruddh na to koi jang ki, na hi jel ge. Vahan ke itihas mein aurangjeb ko mahanayak tatha akbar ko khalnayak ke rup mein chitrit kiya gaya hai. Itihas ko tod–marodkar pesh karne ki parampra keval pakistan mein hi nahin, hamare desh mein bhi rahi hai. Farq keval matra ka hai. Vahan ye manasikta prchur matra mein hai to yahan alp. Maslan hindu kattarvadiyon dvara babar ko bharat par aakramankari tatha hindu virodhi ke rup mein chitrit kiya jata hai aur aaj bhi bhartiy musalmanon ko babar ki santan kahkar kosa jata hai.