Himanshu Joshi Ki Lokpriya Kahaniyan
Author | Himanshu Joshi |
Language | Hindi |
Publisher | Prabhat Prakashan Pvt Ltd |
ISBN | 978-9351862680 |
Book Type | Hardbound |
Item Weight | 0.25 kg |
Edition | 1st |
Himanshu Joshi Ki Lokpriya Kahaniyan
स्वातंत्र्योत्तर हिंदी कहानी को हिमांशु जोशी की कहानियों के बगैर पहचाना नहीं जा सकता। हिंदी कहानी ने जितनी भी रचनात्मक मंजिलें तय की हैं, उन रचना-यात्राओं और मंजिलों पर उनकी कोई-न-कोई कहानी आगे बढ़ती या मंजिल पर मौजूद मिलती है।हिमांशु जोशी कहानी नहीं लिखते और न इनकी कहानियाँ बँधे-बँधाए ढाँचे में रूपाकार ग्रहण करती हैं, बल्कि वे मानस को आंदोलित करके अपना विधागत स्वरूप और महत्ता प्राप्त करती हैं। घटना, बात या सरोकार को कहानी की संवेदनात्मक सिद्धि दे देना उनकी नितांत अपनी विलक्षण कथन-प्रतिभा और उपलब्धि है। उनकी कहानियों में रचना और जीवन की अद्वितीय अन्विति है...कैसे जीवन-यथार्थ रचना बनता है और रचना कैसे जीवन-यथार्थ का पर्याय बन जाती है, यह उनकी दुर्लभ सृजन की कालजयी प्रतीति है, जो स्मृति की धरोहर बन जाती है। उनकी कितनी कहानियों को याद करूँ... 'जलते हुए डैने', 'अंततः', 'रास्ता रुक गया है', 'काला धुआँ', 'तपस्या' से लेकर विदेशी तथा अन्य अनुभव-भूमियों पर लिखी 'सागर तट के शहर', 'अगला यथार्थ', 'आयतें', 'ह्वेनसांग...', 'एक बार फिर' आदि को रेखांकित करूँ तब भी दसियों उत्कृष्ट कहानियाँ रेखांकित किए जाने की माँग करती हैं।यह सही है कि हिमालय की हर चट्टान से गंगा नहीं निकलती, लेकिन हिमांशु जोशी के अनुभव-जन्य ��िमालय की प्रत्येक चट्टान से एक गंगा या एक उर्वरा नदी निश्चय ही निकलती है!''—कमलेश्वर_____________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________अनुक्रमभूमिका — Pgs. 51. सजा — Pgs. 92. किनारे के लोग — Pgs. 133. न जानना — Pgs. 234. आँखें — Pgs. 315. तलाश — Pgs. 436. जो घटित हुआ — Pgs. 497. तरपन — Pgs. 558. जलते हुए डैने — Pgs. 679. फासला — Pgs. 7410. अनचाहे — Pgs. 7811. नंगे पाँवों के निशान — Pgs. 8912. नई बात — Pgs. 10313. कोई एक मसीहा — Pgs. 11014. गंधर्व-गाथा — Pgs. 11715. तपस्या — Pgs. 12616. अँधेरा और — Pgs. 13117. साए — Pgs. 14418. रथ-चक्र — Pgs. 14919. अंततः — Pgs. 15320. अथाह — Pgs. 16021. मनुष्य-चिह्न — Pgs. 166
- Sabr– Your order is usually dispatched within 24 hours of placing the order.
- Raftaar– We offer express delivery, typically arriving in 2-5 days. Please keep your phone reachable.
- Sukoon– Easy returns and replacements within 7 days.
- Dastoor– COD and shipping charges may apply to certain items.
Use code FIRSTORDER to get 10% off your first order.
Use code REKHTA10 to get a discount of 10% on your next Order.
You can also Earn up to 20% Cashback with POP Coins and redeem it in your future orders.