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Hamari Chunautiyan : Bhartiya Samaj Ke Samaksh Chunautiyan-1

Rs. 395 Rs. 352

यह पुस्तक भारतीय समाज की वर्तमान चुनौतियों पर केन्द्रित है। इन चुनौतियों की जड़ें तो अतीत में हैं परन्तु इनका प्रभाव हमारे भविष्य तक जाता है। इन समकालीन चुनौतियों का प्रसार लोकतंत्र, परम्परा, विस्मरण एवं स्मृति-निर्माण तक फैला है। ये विमर्शपरक व्याख्यान गोविन्द बल्लभ पन्त सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद द्वारा... Read More

Description

यह पुस्तक भारतीय समाज की वर्तमान चुनौतियों पर केन्द्रित है। इन चुनौतियों की जड़ें तो अतीत में हैं परन्तु इनका प्रभाव हमारे भविष्य तक जाता है। इन समकालीन चुनौतियों का प्रसार लोकतंत्र, परम्परा, विस्मरण एवं स्मृति-निर्माण तक फैला है। ये विमर्शपरक व्याख्यान गोविन्द बल्लभ पन्त सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद द्वारा आयोजित लोकप्रिय शृंखला ‘भारतीय समाज के समक्ष चुनौतियाँ’ के तहत संस्थान में दिए गए हैं। यह व्याख्यान-शृंखला अनवरत चल रही है। इस व्याख्यान-शृंखला का पहला खंड आज की चुनौतियों पर तो विमर्श करता ही है, साथ ही इन चुनौतियों के भीतर से ही समाधान का छायाचित्र भी निर्मित करता है। Ye pustak bhartiy samaj ki vartman chunautiyon par kendrit hai. In chunautiyon ki jaden to atit mein hain parantu inka prbhav hamare bhavishya tak jata hai. In samkalin chunautiyon ka prsar loktantr, parampra, vismran evan smriti-nirman tak phaila hai. Ye vimarshaprak vyakhyan govind ballabh pant samajik vigyan sansthan, ilahabad dvara aayojit lokapriy shrinkhla ‘bhartiy samaj ke samaksh chunautiyan’ ke tahat sansthan mein diye ge hain. Ye vyakhyan-shrinkhla anavrat chal rahi hai. Is vyakhyan-shrinkhla ka pahla khand aaj ki chunautiyon par to vimarsh karta hi hai, saath hi in chunautiyon ke bhitar se hi samadhan ka chhayachitr bhi nirmit karta hai.