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Half Set Chay Aur Kuchh Youn Hi

Sadan Jha

Rs. 250.00

प्रकाश अत्यन्त प्रतिभाशाली कवि और आलोचक थे जिनका दुर्भाग्य से 2016 में दुखद देहावसान हो गया। वे एक भाषा-सजग शिल्प-निपुण कवि और सजग-संवेदनशील आलोचक थे। रज़ा फ़ाउण्डेशन ने उनकी स्मृति में ‘प्रकाश-वृत्ति' स्थापित करने का निश्चय किया जिसके अन्तर्गत सुपात्र और सम्भावनाशील युवा कवियों और आलोचकों की पहली पुस्तकें प्रकाशित... Read More

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Description
प्रकाश अत्यन्त प्रतिभाशाली कवि और आलोचक थे जिनका दुर्भाग्य से 2016 में दुखद देहावसान हो गया। वे एक भाषा-सजग शिल्प-निपुण कवि और सजग-संवेदनशील आलोचक थे। रज़ा फ़ाउण्डेशन ने उनकी स्मृति में ‘प्रकाश-वृत्ति' स्थापित करने का निश्चय किया जिसके अन्तर्गत सुपात्र और सम्भावनाशील युवा कवियों और आलोचकों की पहली पुस्तकें प्रकाशित करने की योजना है। यह पुस्तक इसी वृत्ति के अन्तर्गत प्रकाशित अनौपचारिक गद्य की है। हिन्दी में औपचारिकता का ऐसा वर्चस्व सा है कि अनौपचारिक अक्सर जगह नहीं पाता। सदन झा का गद्य यहाँ से वहाँ सहज भाव से जाने की विधा है। हमें यह पुस्तक प्रस्तुत करते हुए प्रसन्नता है। -अशोक वाजपेयी