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Gunahon Ka Devta

Dr. Dharamveer Bharti

Rs. 240 Rs. 216

Jnanpith Vani Prakashan LLP

गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के... Read More

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Description
गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है gunahon ka devtadharmvir bharti ke is upanyas ka prkashan aur iske prati pathkon ka atut sammohan hindi sahitya jagat ki ek baDi uplabdhi ban gaye hain. darasal, ye upanyas hamare samay mein bhartiy bhashaon ki sabse adhik biknevali lokapriy sahityik pustkon mein pahli pankti mein hai. lakhon laakh pathkon ke liye priy is anuthe upanyas ki maang aaj bhi vaisi hi bani hui hai jaisi ki iske prkashan ke prarambhik varshon mein thi. —aur is sabka baDa karan shayad ek samarth rachnakar ki koi avyakt piDa aur ekant astha hai, jisne is upanyas ko ek advitiy kriti bana diya hai

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Paperback