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Gaharaiyan Aur Oonchaiyan : Sahitya, Sanskriti Aur Sabhyata Ka Chintan

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"रजा पुस्तक माला की यह कोशिश है कि हिन्‍दीतर भारतीय भाषाओँ के लेखक क्या लिख-सोच रहे हैं, उसका महत्त्वपूर्ण और प्रासंगिक हिस्सा हिन्‍दी में प्रकाशित किया जाए। इसी प्रयत्न के अन्‍तर्गत मराठी लेखक-नाटककार के आलोचनात्मक लेखन के एक संचयन का हिन्‍दी-मराठी विद्वान निशिकान्त ठकार द्वारा किया गया अनुवाद यहाँ प्रस्तुत... Read More

Description

"रजा पुस्तक माला की यह कोशिश है कि हिन्‍दीतर भारतीय भाषाओँ के लेखक क्या लिख-सोच रहे हैं, उसका महत्त्वपूर्ण और प्रासंगिक हिस्सा हिन्‍दी में प्रकाशित किया जाए। इसी प्रयत्न के अन्‍तर्गत मराठी लेखक-नाटककार के आलोचनात्मक लेखन के एक संचयन का हिन्‍दी-मराठी विद्वान निशिकान्त ठकार द्वारा किया गया अनुवाद यहाँ प्रस्तुत है। हमें उम्मीद है कि ऐसी सामग्री से हिन्‍दी के विचार और आलोचनात्मक चिन्‍तन का परिसर विस्तृत और समृद्ध होगा।"
–अशोक वाजपेयी "raja pustak mala ki ye koshish hai ki hin‍ditar bhartiy bhashaon ke lekhak kya likh-soch rahe hain, uska mahattvpurn aur prasangik hissa hin‍di mein prkashit kiya jaye. Isi pryatn ke an‍targat marathi lekhak-natakkar ke aalochnatmak lekhan ke ek sanchyan ka hin‍di-marathi vidvan nishikant thakar dvara kiya gaya anuvad yahan prastut hai. Hamein ummid hai ki aisi samagri se hin‍di ke vichar aur aalochnatmak chin‍tan ka parisar vistrit aur samriddh hoga. "–ashok vajpeyi