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Ek Dhani Vayakti Ka Bayan

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अमरकान्त के पात्र क्षुद्रता, स्वार्थ और मजबूरियों से भरी दुनिया से आते हैं। वे अपनी स्वाभाविक जिजीविषा, बुनियादी अच्छाई और किसी न किसी तरह टिके रहने के लिए किए जानेवाले दाँव-पेचों से गुज़रते हुए अपनी निगाह में कामयाब होने के लिए जूझते हैं। और ये पात्र उसी तिनके के सहारे... Read More

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Description

अमरकान्त के पात्र क्षुद्रता, स्वार्थ और मजबूरियों से भरी दुनिया से आते हैं। वे अपनी स्वाभाविक जिजीविषा, बुनियादी अच्छाई और किसी न किसी तरह टिके रहने के लिए किए जानेवाले दाँव-पेचों से गुज़रते हुए अपनी निगाह में कामयाब होने के लिए जूझते हैं। और ये पात्र उसी तिनके के सहारे पार उतरने की कोशिश करने लगते हैं। वे हर जगह हर परिस्थिति में ख़ुद को एक कसौटी पर कसते हैं और फिर अपने ख़िलाफ़ माहौल पाते ही दूसरी कसौटी पर स्वयं को आजमाने लगते हैं।
‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ अमरकान्त की दस नई कहानियों का पठनीय संकलन है।
अमरकान्त के विख्यात शिल्प से रची गई इन कहानियों में व्यंग्य की अन्तर्धारा है जो कैरियर बनाने के लिए की जानेवाली मिजाजपुर्सी से लेकर क्रान्तिकारी उजबकपन की आलोचना करती चलती है। इस तरह ‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ मध्‍यवर्गीय बिचौलिए और आकांक्षाओं का बयान बन जाता है। Amarkant ke patr kshudrta, svarth aur majburiyon se bhari duniya se aate hain. Ve apni svabhavik jijivisha, buniyadi achchhai aur kisi na kisi tarah tike rahne ke liye kiye janevale danv-pechon se guzarte hue apni nigah mein kamyab hone ke liye jujhte hain. Aur ye patr usi tinke ke sahare paar utarne ki koshish karne lagte hain. Ve har jagah har paristhiti mein khud ko ek kasauti par kaste hain aur phir apne khilaf mahaul pate hi dusri kasauti par svayan ko aajmane lagte hain. ‘ek dhani vyakti ka bayan’ amarkant ki das nai kahaniyon ka pathniy sanklan hai.
Amarkant ke vikhyat shilp se rachi gai in kahaniyon mein vyangya ki antardhara hai jo kairiyar banane ke liye ki janevali mijajpursi se lekar krantikari ujabakpan ki aalochna karti chalti hai. Is tarah ‘ek dhani vyakti ka bayan’ madh‍yavargiy bichauliye aur aakankshaon ka bayan ban jata hai.