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Ek Beegha Pyar

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मॉरिशस के प्रवासी भारतीय लेखक अभिमन्यु अनत उस देश के हिन्दी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थान के अधिकारी हैं। अब तक उनके कई उपन्यास और कहानी-संग्रह प्रकाशित हुए हैं जिनमें मॉरिशस के देहातों की मर्मस्पर्शी झाँकी देखने को मिलती है। ‘एक बीघा प्यार’ अभिमन्यु अनत का दूसरा उपन्यास है, जिसमें अदम्य... Read More

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Description

मॉरिशस के प्रवासी भारतीय लेखक अभिमन्यु अनत उस देश के हिन्दी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थान के अधिकारी हैं। अब तक उनके कई उपन्यास और कहानी-संग्रह प्रकाशित हुए हैं जिनमें मॉरिशस के देहातों की मर्मस्पर्शी झाँकी देखने को मिलती
है।
‘एक बीघा प्यार’ अभिमन्यु अनत का दूसरा उपन्यास है, जिसमें अदम्य साहस और निष्ठा तथा श्रम की महिमा का आख्यान है। एक प्रकार से यह अच्छाई और बुराई के संघर्ष की कहानी है—मनुष्य का आदर्शवाद समाज-विरोधी तत्त्वों से टकराकर बार-बार पराजित होता प्रतीत होता है, पर आस्था का विनाश नहीं होता और अन्तत: नायक को, जो परिस्थितियों से प्रताड़ित और खेती के काम से ऊब गया था, पुन: खेतों की ओर लौटते दिखाया गया है—निडर, नि:शंक भाव से। साथ ही, पूरे कथानक में सहज-निश्छल प्रेम की निर्मल स्रोतस्विनी भी प्रवाहित है जिसमें स्नान कर एक नए प्रकार की ताज़गी का अनुभव होता है। Maurishas ke prvasi bhartiy lekhak abhimanyu anat us desh ke hindi sahitykaron mein vishisht sthan ke adhikari hain. Ab tak unke kai upanyas aur kahani-sangrah prkashit hue hain jinmen maurishas ke dehaton ki marmasparshi jhanki dekhne ko miltiHai.
‘ek bigha pyar’ abhimanyu anat ka dusra upanyas hai, jismen adamya sahas aur nishtha tatha shram ki mahima ka aakhyan hai. Ek prkar se ye achchhai aur burai ke sangharsh ki kahani hai—manushya ka aadarshvad samaj-virodhi tattvon se takrakar bar-bar parajit hota prtit hota hai, par aastha ka vinash nahin hota aur antat: nayak ko, jo paristhitiyon se prtadit aur kheti ke kaam se uub gaya tha, pun: kheton ki or lautte dikhaya gaya hai—nidar, ni:shank bhav se. Saath hi, pure kathanak mein sahaj-nishchhal prem ki nirmal srotasvini bhi prvahit hai jismen snan kar ek ne prkar ki tazgi ka anubhav hota hai.