BackBack
-10%

Das Kaljayee Upanyas : Zamin Kee Talash

Tarsem Gujral

Rs. 395 Rs. 356

Vani Prakashan

प्रस्तुत पुस्तक में दस कालजयी उपन्यास हैं- ‘गोदान’ (प्रेमचन्द), ‘बूँद और समुद्र’ (अमृत लाल नागर), ‘शेखर: एक जीवनी’ (अज्ञेय), ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी), ‘झूठा सच’ (यशपाल), ‘मैला आँचल’ (फणीश्वरनाथ रेणु), ‘तमस’ (भीष्म साहनी), ‘आधा गाँव’ (राही मासूम रज़ा), ‘राग दरबारी’ (श्रीलाल शुक्ल), ‘धरती धन न अपना’ (जगदीश... Read More

Description

प्रस्तुत पुस्तक में दस कालजयी उपन्यास हैं- ‘गोदान’ (प्रेमचन्द), ‘बूँद और समुद्र’ (अमृत लाल नागर), ‘शेखर: एक जीवनी’ (अज्ञेय), ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी), ‘झूठा सच’ (यशपाल), ‘मैला आँचल’ (फणीश्वरनाथ रेणु), ‘तमस’ (भीष्म साहनी), ‘आधा गाँव’ (राही मासूम रज़ा), ‘राग दरबारी’ (श्रीलाल शुक्ल), ‘धरती धन न अपना’ (जगदीश चन्द्र)। ये दस उपन्यास साहित्य का इतिहास रच रहे हैं। पूरा भारत इन उपन्यासों के माध्यम से देखा जा सकता है। आचार्य शुक्ल ने उपन्यास को लेकर जो कुछ कहा, वह अकारथ नहीं था- ”मानव जीवन के अनेक रूपों का परिचय कराना उपन्यास का काम है। यह उन सूक्ष्म घटनाओं को प्रत्यक्ष करने का कार्य करता है, यत्न करता है, जिनसे मनुष्य का जीवन बनता है, जो इतिहास आदि की पहुँच से बाहर है। बहुत लोग उपन्यास का आधार शुद्ध कल्पना बताते हैं पर उत्कृष्ट उपन्यासों का आधार अनुमान शक्ति है, न कि कल्पना।“ .. prastut pustak mein das kalajyi upanyas hain ‘godan’ (premchand), ‘boond aur samudr’ (amrit laal nagar), ‘shekhar: ek jivni’ (agyey), ‘banbhatt ki atmaktha’ (acharya hajari prsaad dvivedi), ‘jhutha sach’ (yashpal), ‘maila anchal’ (phanishvarnath renu), ‘tamas’ (bheeshm sahni), ‘adha gaanv’ (rahi masum raza), ‘raag darbari’ (shrilal shukl), ‘dharti dhan na apna’ (jagdish chandr). ye das upanyas sahitya ka itihas rach rahe hain. pura bharat in upanyason ke madhyam se dekha ja sakta hai. acharya shukl ne upanyas ko lekar jo kuchh kaha, vah akarath nahin tha ”manav jivan ke anek rupon ka parichay karana upanyas ka kaam hai. ye un sookshm ghatnaon ko pratyaksh karne ka karya karta hai, yatn karta hai, jinse manushya ka jivan banta hai, jo itihas aadi ki pahunch se bahar hai. bahut log upanyas ka adhar shuddh kalpna batate hain par utkrisht upanyason ka adhar anuman shakti hai, na ki kalpna. “. .