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Das Kaljayee Upanyas : Zamin Kee Talash

Tarsem Gujral

Rs. 395.00

Vani Prakashan

प्रस्तुत पुस्तक में दस कालजयी उपन्यास हैं- ‘गोदान’ (प्रेमचन्द), ‘बूँद और समुद्र’ (अमृत लाल नागर), ‘शेखर: एक जीवनी’ (अज्ञेय), ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी), ‘झूठा सच’ (यशपाल), ‘मैला आँचल’ (फणीश्वरनाथ रेणु), ‘तमस’ (भीष्म साहनी), ‘आधा गाँव’ (राही मासूम रज़ा), ‘राग दरबारी’ (श्रीलाल शुक्ल), ‘धरती धन न अपना’ (जगदीश... Read More

Description
प्रस्तुत पुस्तक में दस कालजयी उपन्यास हैं- ‘गोदान’ (प्रेमचन्द), ‘बूँद और समुद्र’ (अमृत लाल नागर), ‘शेखर: एक जीवनी’ (अज्ञेय), ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी), ‘झूठा सच’ (यशपाल), ‘मैला आँचल’ (फणीश्वरनाथ रेणु), ‘तमस’ (भीष्म साहनी), ‘आधा गाँव’ (राही मासूम रज़ा), ‘राग दरबारी’ (श्रीलाल शुक्ल), ‘धरती धन न अपना’ (जगदीश चन्द्र)। ये दस उपन्यास साहित्य का इतिहास रच रहे हैं। पूरा भारत इन उपन्यासों के माध्यम से देखा जा सकता है। आचार्य शुक्ल ने उपन्यास को लेकर जो कुछ कहा, वह अकारथ नहीं था- ”मानव जीवन के अनेक रूपों का परिचय कराना उपन्यास का काम है। यह उन सूक्ष्म घटनाओं को प्रत्यक्ष करने का कार्य करता है, यत्न करता है, जिनसे मनुष्य का जीवन बनता है, जो इतिहास आदि की पहुँच से बाहर है। बहुत लोग उपन्यास का आधार शुद्ध कल्पना बताते हैं पर उत्कृष्ट उपन्यासों का आधार अनुमान शक्ति है, न कि कल्पना।“ ..