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Beech Bahas Main Secularvad

Abhay Kumar Dubey

Rs. 325 Rs. 293

Vani Prakashan

विकासशील समाज अध्ययन पीठ (सी.एस.डी.एस.) द्वारा प्रायोजित लोक-चिन्तन ग्रन्थमाला की इस पहली कड़ी में समझने की कोशिश की गयी है कि साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष से ले कर एक आधुनिक राष्ट्र-निर्माण की विराट परियोजना चलाने के दौरान दलित समस्या पूरी तरह क्यों नहीं दूर हुई । दलित आन्दोलनों के स्रोत्रों की... Read More

Description

विकासशील समाज अध्ययन पीठ (सी.एस.डी.एस.) द्वारा प्रायोजित लोक-चिन्तन ग्रन्थमाला की इस पहली कड़ी में समझने की कोशिश की गयी है कि साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष से ले कर एक आधुनिक राष्ट्र-निर्माण की विराट परियोजना चलाने के दौरान दलित समस्या पूरी तरह क्यों नहीं दूर हुई । दलित आन्दोलनों के स्रोत्रों की खोज से शुरू हुई यह बौद्धिक यात्रा इतिहास, संस्कृति, अस्मिता, चेतना, साहित्य, अवमानना के राजनीतिक सिद्धान्त और ज्ञान-मीमांसा के क्षेत्रों से गुजरने के बाद व्यावहारिक राजनीति में होने वाली दलीय होड़ की जाँच-पड़ताल करती है ताकि भारतीय गणतंत्र के संविधान प्रदत्त सार्विक मताधिकार की समाज परिवर्तनकारी क्षमताओं की असली थाह ली जा सके । यह दलित-मीमांसा उन ताजा बहसों पर गहरी नजर डालती है जो अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँची हैं लेकिन जिनकी परिणतियों में दलित प्रश्न को आमूल-चूल बदल डालने की क्षमता है । ये बहसें दलित प्रश्न के भूमंडलीकरण से तो जुड़ी हुई हैं ही, साथ ही भूमंडलीकरण के साथ दलितों के सम्बन्ध की प्रकृति को खोजने की कोशिश भी करती हैं। vikasshil samaj adhyyan peeth (si. es. Di. es. ) dvara prayojit lok chintan granthmala ki is pahli kaDi mein samajhne ki koshish ki gayi hai ki samrajyvad virodhi sangharsh se le kar ek adhunik raashtr nirman ki virat pariyojna chalane ke dauran dalit samasya puri tarah kyon nahin door hui. dalit andolnon ke srotron ki khoj se shuru hui ye bauddhik yatra itihas, sanskriti, asmita, chetna, sahitya, avmanna ke rajnitik siddhant aur gyaan mimansa ke kshetron se gujarne ke baad vyavharik rajniti mein hone vali daliy hoD ki jaanch paDtal karti hai taki bhartiy gantantr ke sanvidhan prdatt sarvik matadhikar ki samaj parivartankari kshamtaon ki asli thaah li ja sake. ye dalit mimansa un taja bahson par gahri najar Dalti hai jo abhi tak kisi natije par nahin pahunchi hain lekin jinki parinatiyon mein dalit prashn ko amul chool badal Dalne ki kshamta hai. ye bahsen dalit prashn ke bhumanDlikran se to juDi hui hain hi, saath hi bhumanDlikran ke saath daliton ke sambandh ki prkriti ko khojne ki koshish bhi karti hain.