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Bawan Chitthiyan

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‘‘रज़ा पुस्तक माला में युवा लेखकों और ग़ैर-रस्मी लेखन को विशेष स्थान देने की हमारी चेष्टा है। कवि का गद्य वैसे भी सामान्य गद्य से अलग रंगत का होता है। कवयित्री बाबुषा कोहली की 'बावन चिठ्ठियाँ’ मनीष पुष्कले के रेखांकनों के साथ प्रस्तुत करते हुए हमें प्रसन्नता है। उनमें बहुत... Read More

Description

‘‘रज़ा पुस्तक माला में युवा लेखकों और ग़ैर-रस्मी लेखन को विशेष स्थान देने की हमारी चेष्टा है। कवि का गद्य वैसे भी सामान्य गद्य से अलग रंगत का होता है। कवयित्री बाबुषा कोहली की 'बावन चिठ्ठियाँ’ मनीष पुष्कले के रेखांकनों के साथ प्रस्तुत करते हुए हमें प्रसन्नता है। उनमें बहुत कुछ है जो असाधारण है, असाधारण को अनायास छूता-ज़ाहिर करता है।’’
—अशोक वाजपेयी ‘‘raza pustak mala mein yuva lekhkon aur gair-rasmi lekhan ko vishesh sthan dene ki hamari cheshta hai. Kavi ka gadya vaise bhi samanya gadya se alag rangat ka hota hai. Kavyitri babusha kohli ki bavan chiththiyan’ manish pushkle ke rekhanknon ke saath prastut karte hue hamein prsannta hai. Unmen bahut kuchh hai jo asadharan hai, asadharan ko anayas chhuta-zahir karta hai. ’’—ashok vajpeyi