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Ab Main Aksar Main Nahi Rehta

Anwar Sha'oor

Rs. 249.00 Rs. 199.00

Hindi

Rekhta Books

About Book अनवर शऊर की शायरी में शामिल विषय बहुत ही संवेदनशील प्रकृति के हैं, जो इंसान के आंतरिक और बाहरी मुआमलों के साथ संवाद करते हैं। उनकी शायरी में रूमानवियत और सौन्दर्य की छाप स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। आदमी, तिलिस्म, इंतज़ार, धोका, जुस्तजू, शराब, शाम,... Read More

Description

About Book

अनवर शऊर की शायरी में शामिल विषय बहुत ही संवेदनशील प्रकृति के हैं, जो इंसान के आंतरिक और बाहरी मुआमलों के साथ संवाद करते हैं। उनकी शायरी में रूमानवियत और सौन्दर्य की छाप स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। आदमी, तिलिस्म, इंतज़ार, धोका, जुस्तजू, शराब, शाम, रात, ग़म, तलाश, ज़हर, सोहबत, हमदम, ज़िन्दाँ, सय्याद, बदन, हैरत, सफ़र, मशक़्क़त जैसे विषयों की गहराई से उनकी शायरी भरी हुई है। अनवर शऊर धीमे लहजे के मालिक हैं, उनकी शायरी में मदहोशी की अवस्था अपनी सरमस्ती से महक रही होती है। ग़ज़ल के रूमानी शायर होने के बावजूद उनकी एक अलग शनाख़्त क़ता लेखक की भी है। ज़िंदगी के रोज़मर्रा के विषयों को एक क़ता में समो देने का हुनर उन्हें ख़ूब ख़ूब आता है।

About Author

नाम अनवर हुसैन ख़ां और तख़ल्लुस शऊर है। 11 अप्रैल सन् 1943 को सेवनी (भारत में) अशफ़ाक़ हुसैन ख़ान के घर पैदा हुए। आपके परिवार के लोग पाकिस्तान स्थापना के तुरंत बाद कराची आगए। पहले अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू पाकिस्तान और “अख़बार-ए-जहाँ” से जुड़े रहे। उसके बाद “सब रंग” डायजेस्ट, कराची से सम्बद्ध रहे। आजकल दैनिक “जंग” में एक क़ता रोज़ लिखते हैं। उनका कलाम “फ़नून” और दूसरी पत्रिकाओं में प्रकाशित होता रहता है।