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Ab Main Aksar Main Nahi Rehta

Anwar Sha'oor

Rs. 250.00

"अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता" जनाब अनवर श'ऊर की चुनिन्दा उर्दू ग़ज़लों का संग्रह है जिसे रेख़्ता फाउन्डेशन के "रेख़्ता नुमाइन्दा कलाम" सीरीज़ के तहत शाया किया गया है| इस सीरीज़ के ज़रीए रेख़्ता फाउन्डेशन आज के दौर के नायाब लेकिन कम मशहूर शाइरों का सर्वश्रेष्ठ कलाम आम पाठकों...

Description

"अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता" जनाब अनवर श'ऊर की चुनिन्दा उर्दू ग़ज़लों का संग्रह है जिसे रेख़्ता फाउन्डेशन के "रेख़्ता नुमाइन्दा कलाम" सीरीज़ के तहत शाया किया गया है| इस सीरीज़ के ज़रीए रेख़्ता फाउन्डेशन आज के दौर के नायाब लेकिन कम मशहूर शाइरों का सर्वश्रेष्ठ कलाम आम पाठकों के दरमियान ला रहा है| अनवर श'ऊर की इससे पहले चार किताबें 'अंदोख़्ता' (1995), 'मश्क़-ए-सुख़न' (1999 ), 'मी रक़्सम' (2008) और 'दिल का क्या रंग करूँ' (2014) शाया हो चुकी हैं| उन्होंने कई सालों तक लोकप्रिय उर्दू डाइजेस्ट 'सब-रंग' के लिए उप-सम्पादक की हैसियत से काम किया है और क़रीब दो दशकों से उर्दू दैनिक 'जंग' में समसामयिक विषयों पर क़त'आत लिख रहे हैं|

  • Binding: Paperback

  • Pages: 174

  • ISBN No. 9788192664873

  • Language: Urdu (Devanagari Script) 

  • Year Published: 2017

  • Dimensions: 5.5 in x 8.5 in