{"product_id":"lala-shaligram-vaishya-evam-pandit-radheshyam-kathawachak-krit-abhimanyu-aur-veer-abhimanyu-ka-natya-vivechan","title":"LALA SHALIGRAM VAISHYA EVAM PANDIT RADHESHYAM KATHAWACHAK KRIT ABHIMANYU AUR VEER ABHIMANYU KA NATYA-VIVECHAN","description":"\u003cspan style=\"color: #0f1111; font-family: 'Amazon Ember', Arial, sans-serif;\"\u003eमहाभारत की अमर कथा पर आधारित दो महत्त्वपूर्ण नाटक— लाला शालिग्राम वैश्य कृत 'अभिमन्यु' और पं. राधेश्याम कथावाचक कृत 'वीर अभिमन्यु' हिन्दी नाट्य-परंपरा के दो भिन्न ध्रुव हैं। एक शुद्ध पौराणिक प्रस्तुति का निर्वाह करता है, दूसरा पारसी रंगमंच की जीवंत शैली में राष्ट्रीय चेतना, देश-प्रेम, युवा आक्रोश और सामाजिक जागरण का उद्घोष बन जाता है। यह पुस्तक दोनों कृतियों का तुलनात्मक विवेचन प्रस्तुत करती है। रचना-काल, कथानक-संरचना, पात्र-योजना, गीत-संगीत, हास्य-परिहास तथा समकालीन सन्दर्भों के माध्यम से लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि कथावाचक का नाटक केवल पौराणिक आख्यान नहीं, बल्कि अपने युग की आवाज़ है। शालिग्राम का नाटक जहाँ शास्त्रीय परंपरा का सम्मान करता है, वहीं वीर अभिमन्यु पारसी रंगमंच को नवीन दिशा देने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज़ सिद्ध होता है। हरिशंकर शर्मा का यह गहन और संतुलित अध्ययन हिन्दी नाट्य-समीक्षा की परंपरा को समृद्ध करता है। नाट्य-प्रेमियों, शोधार्थियों और साहित्य-रसिकों के लिए यह पुस्तक एक अनिवार्य संदर्भ-ग्रंथ है।\u003c\/span\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50333356490989,"sku":null,"price":195.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/48VbbewOcK.jpg?v=1784985060","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/products\/lala-shaligram-vaishya-evam-pandit-radheshyam-kathawachak-krit-abhimanyu-aur-veer-abhimanyu-ka-natya-vivechan","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}