{"product_id":"gasht-girdawari-urf-jo-tehsildaari-mein-dekha-गश्त-गिरदावरी-उर्फ़-जो-तहसीलदारी-में-देखा-संस्मरण","title":"GASHT GIRDAWARI URF JO TEHSILDAARI MEIN DEKHA | गश्त गिरदावरी उर्फ़ जो तहसीलदारी में देखा (संस्मरण)","description":"\u003cdiv\u003eयह पुस्तक केवल संस्मरणों का संकलन और सरकारी नौकरी की कहानी भर नहीं है; बल्कि राजस्थान के राजस्व प्रशासन, ग्रामीण जीवन, सरकारी तंत्र, सामाजिक मनोविज्ञान और मानवीय प्रवृत्तियों का जीवंत दस्तावेज़ है। लेखक ने अपने अनुभवों को जिस सहजता, स्पष्टवादिता और आत्मीयता से शब्द दिए हैं, वे इस पुस्तक को विशिष्ट बनाते हैं।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\n\u003cstrong\u003e- टीकम चन्द बोहरा,\u003c\/strong\u003e\u003cem\u003eIAS सदस्य, राजस्व मंडल राजस्थान, अजमेर\u003c\/em\u003e\n\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eजहाँ तक मेरी जानकारी है, राजस्थान से जुड़े हुए किसी तहसीलदार स्तर के राजस्व अधिकारी ने यह काम पहली द.फा किया है। इसमें लेखक ने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक मानसिकता और मानवीय व्यवहार का सजीव चित्रण किया है।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\n\u003cstrong\u003e- हरिराम मीणा,\u003c\/strong\u003e\u003cem\u003e सेवानिवृत्त आई.पी.एस. एवं लेखक\u003c\/em\u003e\n\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eसवाई सिंह शेखावत उन थोड़े कवियों में हैं जो गद्य-लेखन में भी निष्णात हैं और आलोचना तथा वैचारिक लेखन भी अधिकार से करते हैं। ...ये वृत्तांत बहुत रोचक हैं, इनमें एक क्रम है तो अनुभव संसार का विस्तार भी, साथ ही जीवन का वैविध्य और उसके तमाम रंग। यह पुस्तक समकालीन हिन्दी साहित्य में इस विशिष्ट लेखन धारा में मील का पत्थर है। \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\n\u003cstrong\u003e- राजाराम भादू,\u003c\/strong\u003e \u003cem\u003eप्रसिद्ध समालोचक एवं विमर्शकार \u003c\/em\u003e\n\u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50009384812781,"sku":null,"price":400.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/wwTrTVqG3L.jpg?v=1779685071","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/products\/gasht-girdawari-urf-jo-tehsildaari-mein-dekha-%e0%a4%97%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%a4%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%a3","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}