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Gandhi Aur Akathaniya : Satya Ke Sath Unka Antim Prayog

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“इतिहास जब-तब जीवन की शक्तियों और मृत्यु की शक्तियों के बीच ऐसे संघर्षों का साक्षी बनता है जहाँ एक ओर, मृत्यु की शक्ति की हर पराजय असत्य पर सत्य की विजय में आस्था को बल प्रदान करती है तो दूसरी ओर, असत्य की हर कामयाबी में मनुष्यता के सम्पूर्ण विनाश... Read More

Description

“इतिहास जब-तब जीवन की शक्तियों और मृत्यु की शक्तियों के बीच ऐसे संघर्षों का साक्षी बनता है जहाँ एक ओर, मृत्यु की शक्ति की हर पराजय असत्य पर सत्य की विजय में आस्था को बल प्रदान करती है तो दूसरी ओर, असत्य की हर कामयाबी में मनुष्यता के सम्पूर्ण विनाश की सम्भावना निहित होती है। अहिंसा में गाँधी की आस्था और उनके हत्यारों की पथभ्रष्ट विचारधारा पर आधारित जेम्स डॅगलॅस की यह गहन शोधपरक, छोटी-सी अद्भुत कृति उन दो परस्पर विरोधी फ़लसफ़ों की एक वाग्मितापूर्ण कहानी है जिनका सामना आज मानव-जाति कर रही है—एक ऐसी कहानी जो हमें ठहरकर सोचने के लिए विवश करती है।” —नारायण देसाई “itihas jab-tab jivan ki shaktiyon aur mrityu ki shaktiyon ke bich aise sangharshon ka sakshi banta hai jahan ek or, mrityu ki shakti ki har parajay asatya par satya ki vijay mein aastha ko bal prdan karti hai to dusri or, asatya ki har kamyabi mein manushyta ke sampurn vinash ki sambhavna nihit hoti hai. Ahinsa mein gandhi ki aastha aur unke hatyaron ki pathabhrasht vichardhara par aadharit jems degles ki ye gahan shodhaprak, chhoti-si adbhut kriti un do paraspar virodhi falasfon ki ek vagmitapurn kahani hai jinka samna aaj manav-jati kar rahi hai—ek aisi kahani jo hamein thaharkar sochne ke liye vivash karti hai. ” —narayan desai