{"product_id":"ek-ladki-thi-zameen-par-aasmani-ghazals-ek-ldd-kii-thii-j-miin-pr-aasmaanii-g-j-l-sngrh-raajendr-raajn","title":"EK LADKI THI ZAMEEN PAR AASMANI | GHAZALS | एक लड़की थी ज़मीं पर आसमानी (ग़ज़ल संग्रह) | राजेन्द्र राजन","description":"\u003cdiv\u003eराजेन्द्र राजन जी ने कुछ ही व.क्त पहले अपने .कलम की रौशनाई वाली मोमबत्ती हाथ में लेकर ग़ज़ल की घुमावदार सुरंग में प्रवेश किया है। लेकिन मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अब यह मोमबत्ती एक ख़ुशबूदार अगरबत्ती में तब्दील हो रही है।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eमूलत: वे कथाकार हैं किन्तु अब उनका मन ग़ज़ल में रम सा गया है और वे बहुत ही मनोयोग से इस कंटकीर्ण पथ के राही बन गये हैं, एक ऐसा राही जिसे अपने मील के पत्थर और मन्ज़िल दोनों का बख़ूबी पता है।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e'एक लड़की थी ज़मीं पर आसमानी' मेरी ऊपर लिखी बात की दलील भी है और सनद भी। \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eबढि़या बात यह है कि राजन जी को रदी.फ और क़ाफ़ियों का यह खेल सुहाने लगा है। बह्र की कोई चूक या ग़.फलत भी उनके यहाँ दिखाई नहीं पड़ती। उनका म.फहूम और उनका कहन भी गम्भीरता लिये हुए है ।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e— लोकेश कुमार सिंह 'साहिल' \u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49104301129965,"sku":null,"price":200.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/ztue5F5lad.jpg?v=1765092339","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/products\/ek-ladki-thi-zameen-par-aasmani-ghazals-ek-ldd-kii-thii-j-miin-pr-aasmaanii-g-j-l-sngrh-raajendr-raajn","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}