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Diabetes Ke Saath Jeene Ki Raah

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डायबिटीज क्यों होती है? डायबिटीज की पहचान क्या है? डायबिटीज से कैसे बचें? मेथी शुगर को कैसे कम करती है? खाने-पीने में क्या-क्या एहतियात बरतें? कौन-कौन से योगासन शुगर को घटाते हैं? व्यायाम के समय क्या-क्या सावधानियाँ बरतें? इंसुलिन लेना कब ज़रूरी है? इमरजेंसी की घड़ियों में क्या करें? कब... Read More

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Description

डायबिटीज क्यों होती है? डायबिटीज की पहचान क्या है? डायबिटीज से कैसे बचें? मेथी शुगर को कैसे कम करती है? खाने-पीने में क्या-क्या एहतियात बरतें? कौन-कौन से योगासन शुगर को घटाते हैं? व्यायाम के समय क्या-क्या सावधानियाँ बरतें? इंसुलिन लेना कब ज़रूरी है? इमरजेंसी की घड़ियों में क्या करें? कब कौन-सा टेस्ट कराएँ? घर पर ब्लड शुगर की कैसे जाँच करें? यौन क्षमता कैसे दुरुस्त रखें? डायबिटीज के बुरे असर से शरीर को कैसे बचाएँ? डायबिटीज की नई दवाएँ कौन-कौन सी हैं? 21वीं सदी की इस भागदौड़-भरी ज़‍िन्दगी में क्या उपाय करें कि डायबिटीज आपके पास न फटके और अगर हो जाए तो उसे कैसे जीतें! डॉ. यतीश अग्रवाल की यह पुस्तक डायबिटीज जैसे महत्त्वपूर्ण विषय पर हिन्‍दी में अपने ढंग की पहली प्रामाणिक कृति है। सरल सुबोध शैली में लिखी गई इस पुस्तक में आयुर्विज्ञान के साथ-साथ योग, आहार, व्यायाम, जामुन, मेथी और विजयसार के लाभकारी गुणों पर भी उपयोगी जानकारी है। खुलासा है नई से नई खोजों का...और इस नई वैज्ञानिक सोच का भी कि डायबिटीज में मीठी चीज़ें छोड़ना क़त्तई ज़रूरी नहीं है। Dayabitij kyon hoti hai? dayabitij ki pahchan kya hai? dayabitij se kaise bachen? methi shugar ko kaise kam karti hai? khane-pine mein kya-kya ehatiyat barten? kaun-kaun se yogasan shugar ko ghatate hain? vyayam ke samay kya-kya savdhaniyan barten? insulin lena kab zaruri hai? imarjensi ki ghadiyon mein kya karen? kab kaun-sa test karayen? ghar par blad shugar ki kaise janch karen? yaun kshamta kaise durust rakhen? dayabitij ke bure asar se sharir ko kaise bachayen? dayabitij ki nai davayen kaun-kaun si hain? 21vin sadi ki is bhagdaud-bhari za‍indagi mein kya upay karen ki dayabitij aapke paas na phatke aur agar ho jaye to use kaise jiten! dau. Yatish agrval ki ye pustak dayabitij jaise mahattvpurn vishay par hin‍di mein apne dhang ki pahli pramanik kriti hai. Saral subodh shaili mein likhi gai is pustak mein aayurvigyan ke sath-sath yog, aahar, vyayam, jamun, methi aur vijaysar ke labhkari gunon par bhi upyogi jankari hai. Khulasa hai nai se nai khojon ka. . . Aur is nai vaigyanik soch ka bhi ki dayabitij mein mithi chizen chhodna qattii zaruri nahin hai.