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Araj-Nihora

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अगर आप भोजपुरी की मौजूदा सांस्कृतिक मुख्यधारा के साथ आलोचनात्मक सम्बन्ध विकसित करते हुए भोजपुरी जातीयता की पुनर्खोज करना चाहते हैं, अगर आप जीवन-संघर्षों के रस में सनी-पगी भोजपुरी की दूसरी परम्‍परा से अपने को जोड़ते हैं, अगर आप दया और घृणा के ध्रुवों के बीच विकसित होते इस इलाक़े... Read More

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Description

अगर आप भोजपुरी की मौजूदा सांस्कृतिक मुख्यधारा के साथ आलोचनात्मक सम्बन्ध विकसित करते हुए भोजपुरी जातीयता की पुनर्खोज करना चाहते हैं, अगर आप जीवन-संघर्षों के रस में सनी-पगी भोजपुरी की दूसरी परम्‍परा से अपने को जोड़ते हैं, अगर आप दया और घृणा के ध्रुवों के बीच विकसित होते इस इलाक़े के जीवन से कोई साबक़ा रखते हैं, तब यह संग्रह आपके ही लिए है। Agar aap bhojapuri ki maujuda sanskritik mukhydhara ke saath aalochnatmak sambandh viksit karte hue bhojapuri jatiyta ki punarkhoj karna chahte hain, agar aap jivan-sangharshon ke ras mein sani-pagi bhojapuri ki dusri param‍para se apne ko jodte hain, agar aap daya aur ghrina ke dhruvon ke bich viksit hote is ilaqe ke jivan se koi sabqa rakhte hain, tab ye sangrah aapke hi liye hai.