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Andhavishwas Unmoolan : Vol. 2 : Aachar

Rs. 350 Rs. 312

अंधविश्वास उन्मूलन और डॉ. नरेंद्र दाभोलकर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। निरन्‍तर 25 वर्षों की मेहनत का फल है यह। अंधविश्वास उन्मूलन का कार्य महाराष्ट्र में विचार, उच्चार, आचार, संघर्ष, सिद्धान्‍त जैसे पंचसूत्र से होता आ रहा है। भारतवर्ष में ऐसा कार्य कम ही नज़र आता है। 'अंधविश्वास उन्मूलन : आचार'... Read More

Description

अंधविश्वास उन्मूलन और डॉ. नरेंद्र दाभोलकर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। निरन्‍तर 25 वर्षों की मेहनत का फल है यह। अंधविश्वास उन्मूलन का कार्य महाराष्ट्र में विचार, उच्चार, आचार, संघर्ष, सिद्धान्‍त जैसे पंचसूत्र से होता आ रहा है। भारतवर्ष में ऐसा कार्य कम ही नज़र आता है।
'अंधविश्वास उन्मूलन : आचार' पुस्तक में धर्म के नाम पर कर्मकांड और पाखंडों के ख़‍िलाफ़ आन्‍दोलन, जन-जागृति कार्यक्रम और भंडाफोड़ जैसे प्रयासों का ब्योरा है।
पुस्तक में भूत से साक्षात्कार कराने का पर्दाफाश, ओझाओं की पोल खोलती घटनाएँ, मंदिर में जाग्रत देवता और गणेश देवता के दूध पीने के चमत्कार के विवरण पठनीय तो हैं ही, उनसे देखने, सोचने और समझने की पुख्ता ज़मीन भी उजागर होती है। निस्सन्‍देह अपने विषयों के नवीन विश्लेषण से यह पुस्तक पाठकों में अहम भूमिका निभाने जैसी है।
अंधविश्वास के तिमिर से विवेक और विज्ञान के तेज की ओर ले जानेवाली यह पुस्तक परम्‍परा का तिमिर-भेद भी है और विज्ञान का लक्ष्य भी। Andhvishvas unmulan aur dau. Narendr dabholkar ek-dusre ke paryayvachi hain. Niran‍tar 25 varshon ki mehnat ka phal hai ye. Andhvishvas unmulan ka karya maharashtr mein vichar, uchchar, aachar, sangharsh, siddhan‍ta jaise panchsutr se hota aa raha hai. Bharatvarsh mein aisa karya kam hi nazar aata hai. Andhvishvas unmulan : aachar pustak mein dharm ke naam par karmkand aur pakhandon ke kha‍ilaf aan‍dolan, jan-jagriti karyakram aur bhandaphod jaise pryason ka byora hai.
Pustak mein bhut se sakshatkar karane ka pardaphash, ojhaon ki pol kholti ghatnayen, mandir mein jagrat devta aur ganesh devta ke dudh pine ke chamatkar ke vivran pathniy to hain hi, unse dekhne, sochne aur samajhne ki pukhta zamin bhi ujagar hoti hai. Nissan‍deh apne vishyon ke navin vishleshan se ye pustak pathkon mein aham bhumika nibhane jaisi hai.
Andhvishvas ke timir se vivek aur vigyan ke tej ki or le janevali ye pustak param‍para ka timir-bhed bhi hai aur vigyan ka lakshya bhi.