{"product_id":"karn-gatha-कर्ण-गाथा-काव्यात्मक-आख्यान","title":"Karn-Gatha | कर्ण-गाथा | काव्यात्मक आख्यान","description":"\u003cdiv\u003eहमारे पौराणिक आख्यानों में महाभारत का महत्व इसलिए अधिक है, क्योंकि उसके अधिकांश पात्र, अपना जीवन— रूढ़ आदर्शों से परे, सामान्य व्यक्ति की तरह जीते हैं। इसलिए, एक अभिनेता के नज़रिए से कहूँ तो महाभारत में कर्ण मेरा पसंदीदा चरित्र है। उसके जीवन में सबसे बड़ी त्रासदी उसके जन्म से जुड़ी पहचान की है, जिससे वह जीवन भर जूझता है और तरह-तरह की त्रासद परिस्थितियों का शिकार होता है। पाठक उसे कभी नायक समझते हैं तो कभी खलनायक। \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eब्रिटेन के प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक, निर्माता टॉम हार्डी ने अपनी फ़िल्म वॉरियर के बारे में बात करते हुए कहा था— ''पारम्परिक चरित्रों का अभिनय करते रहने से किसी भी अभिनेता के प्रभाव का दायरा बहुत सीमित हो जाता है, उसे अपने अभिनय में समाज के द्वारा स्वीकार्य व्यवहार को जीना पड़ता है। इसके विपरीत त्रासदी भोगने वाले योद्धाओं के चरित्र का अभिनय करने में बहुत सारी इंसानी ग़लतियाँ करने की छूट होती है। इसलिए वे चरित्र दर्शकों द्वारा पसंद किए जाते हैं, उनके मन पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं।'' \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e'कर्ण-गाथा' की कविताओं को देश-विदेश के अनेक मंचों पर पढ़ते हुए, मुझे कर्ण की आत्मा में प्रवेश करने का अवसर मिला जो मेरे भीतर के अभिनेता को सुख और संतोष देता रहा है। मुझे ख़ुशी है, ये कविताएँ, कर्ण के चरित्र पर शोध के साथ आप तक पहुँच रही हैं, ताकि आप कर्ण के साथ न्याय कर सकें। \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003cstrong\u003eराजेंद्र गुप्ता\u003c\/strong\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003cem\u003eफ़िल्म और टी. वी. के वरिष्ठ अभिनेता  \u003c\/em\u003e\u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":68140399395053,"sku":null,"price":195.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/WhC69sDI4l.jpg?v=1793605393","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/products\/karn-gatha-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%86%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}