{"product_id":"kailaash-maansrovr-kaa-dhaarmik-tthaa-aadhyaatmik-vivecn-kailash-mansarovar-ka-dharmik-tatha-adhyatmik-vivechan","title":"कैलाश मानसरोवर का धार्मिक तथा आध्यात्मिक विवेचन (Kailash Mansarovar Ka Dharmik Tatha Adhyatmik Vivechan)","description":"About the Book:-कैलास तथा मानसरोवर के विषय में पौराणिक, धार्मिक तथा दार्शनिक वाङ्मय का विशाल भण्डार उपलब्ध होता है। यह कहना अत्युक्ति नहीं कि भारतीय उप-महाद्वीप के प्रत्येक कालखण्ड में कैलास-मानसरोवर की चर्चा प्रचुर परिमाण में पायी जाती है। विगत कुछ वर्षों में प्राच्य एवं पाश्चात्य विद्वानों तथा पर्यटकों ने भी इन स्थानों के विषय में अपनी लेखनी चलाई है। विशाल साहित्य की उपस्थिति के बाबजूद ऐसी एक सर्वजन-सुलभ पुस्तक नहीं दिखाई पड़ती, जिसमें प्राचीन वाङ्मय में वर्णित कैलास-मानसरोवर के धार्मिक तथा आध्यात्मिक विवेचन के साथ-साथ इन दोनों स्थानों के वास्तविक भौगोलिक रूप का विवरण मिलता हो। इस पुस्तक के माध्यम से उक्त रिक्तता का निराकरण किया गया है। पुस्तक में पारम्परिक साहित्य में विवेचित भौगोलिक, धार्मिक तथा आध्यात्मिक तथ्यों के साथ ही साथ व्यक्तिगत अनुभव तथा समसामयिक लेखकों द्वारा लिखे गये ग्रन्थों में निहित महत्त्वपूर्ण सूचनाओं का समावेश भी किया गया है। कैलास-मानसरोवर-मार्ग में स्थित दर्शनीय स्थानों के साथ ही धार्मिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से तीर्थ-यात्रा की प्रासंगिकता पर भी संक्षेप में प्रकाश डाला गया है। उक्त विषय पर उत्सुकता रखने वाले लोगों की संख्या में उत्तरोत्तर हो रहे उत्कर्ष तथा समयाभाव से ग्रस्त तथा व्यस्त जिज्ञासुओं के लिए इस पुस्तक की उपादेयता असन्दिग्ध है About the Author:- काशी हिंदू विश्व-विद्यालय से संस्कृत साहित्य-दर्शन में स्नातकोत्तर तथा पीएच्. डी. की डिग्री प्राप्त करने के बाद लेखक ने कुछ समय तक अध्यापन एवं कालान्तर में भारतीय प्रशासनिक सेवा(IAS) को अपना कार्य-क्षेत्र बनाया, तथा जून 2016 में अपने अन्तिम शासकीय दायित्व से निवृत्ति प्राप्त की। संस्कृत साहित्य, वेदान्त दर्शन, सामाजिक विकास तथा प्रशासन के विभिन्न पक्षों पर संस्कृत, हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषा में समय-समय पर लेखक के गवेषणात्मक प्रबन्ध तथा ग्रन्थ प्रकाशित होते रहे हैं। इसके अतिरिक्त सम-सामयिक विषयों पर राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में लेखक की लेखनी चलती रहती है। प्रस्तुत पुस्त, “कैलास-मानसरोवर का धार्मिक तथा आध्यात्मिक विवेचन” के अतिरिक्त लेखक की अद्यावधि लिखित तथा प्रकाशित अन्य पुस्तकों के नाम हैं1. Tribal Development in India, 2001;2. Development Administration in an Indian State, 20023. शंकराद्वैत के प्रमुख सिद्धान्तों का पारम्परिक विश्लेषण,20024. Highlander's Plainspeak: An Administrative Rede, 2020; तथा5. The Spirit and Spirituality of Kailas and Manasarovar , 2021 CONTENTS:- प्रस्तावना.91. तीर्थाटन की प्रासंगिकता तथा योग्यता. 212. पर्वतीय स्थलों में स्थित तीर्थ तथा कैलास-मानसरोवर. 333. यात्रा मार्ग तथा प्रमुऽ दर्शनीय स्थल. 474. यात्रा का वास्तविक समारम्भ. 615. सीमा-पार तिब्बतीय मार्ग में मुख्य स्थान. 856. गुर्ला-मान्धाता पर्वत श्रेणियाँ. 1037. मानसरोवर. 1098. राक्षस-ताल या रावण-”द. 1359. कैलास-मानस-क्षेत्रा से उद्भूत चार मुख्य नदियाँ. 14510.कैलास. 157उपसंहार. 199 The Title 'कैलाश मानसरोवर का धार्मिक तथा आध्यात्मिक विवेचन (Kailash Mansarovar Ka Dharmik Tatha Adhyatmik Vivechan) written\/authored\/edited by डॉ. तारादत्त (Dr. Taradatt)', published in the year 2021. The ISBN 9788121220224 is assigned to the Paperback version of this title. This book has total of pp. 204 (Pages). The publisher of this title is Gyan Publishing House. This Book is in Hindi. The subject of this book is Spirituality. Size of the book is 13.34 x 21.59 cms Vol:-","brand":"Gyan Books","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":43957648556269,"sku":null,"price":251.1,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hardcover","offer_id":43957648589037,"sku":null,"price":753.3,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1111018491710-_1_a5a3841f-3199-43d3-9ece-10f473626dd5.jpg?v=1680034573","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/products\/kailaash-maansrovr-kaa-dhaarmik-tthaa-aadhyaatmik-vivecn-kailash-mansarovar-ka-dharmik-tatha-adhyatmik-vivechan","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}