{"product_id":"chuppi-ke-bahane-चुप्पी-के-बहाने-पंजाबी-से-अनूदित-कविता-संग्रह","title":"Chuppi Ke Bahane | चुप्पी के बहाने (पंजाबी से अनूदित कविता-संग्रह)","description":"\u003cdiv\u003eपंजाबी से अनूदित मलविंदर का कविता संग्रह \"चुप्पी के बहाने\" समकालीन कविता में एक ताज़ा, संवेदनशील और विचारोत्तेजक आवाज़ है। इस संकलन की कविताएँ चुप्पी को केन्द्र में रखकर मानवीय अस्तित्व की गहरी पीड़ा, सामाजिक विडंबनाओं, टूटते सपनों और आधुनिक जीवन की संवेदनहीनता को अनूठे काव्य-बिंबों, रूपकों और प्रतीकों के माध्यम से उजागर करती हैं।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eकवि चुप्पी को एक साधारण मौन नहीं, बल्कि एक जीवंत, बहुआयामी और गतिशील काव्य-तत्व मानते हैं। उनके लिए चुप्पी प्रार्थना में छिपा अहंकार है, मरती माँ के पास बैठे बच्चे की बेबसी है, बाज़ार की चकाचौंध में खोई खाली आँखों का ब्रांडेड सपना है, और श्रमिक की हथेली पर पड़ा गुटखा है। चुप्पी उनके यहाँ वास्तविकता के विरोध में खड़ी अस्तित्व की पीड़ा है, रंगों से ली गई फूलों की आखिरी विदाई है, अंतरात्मा में उगी जंगली झाड़ियों में फँसा वक्त है, खेतों में उगी खुदकुशी का मनहूस समाचार है और कटी जुबान का दफन हुआ सच भी है।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eमालविंदर पंजाबी की काव्य-भाषा अत्यंत ताजी, सशक्त और नवीन है। वे मेटाफर को कविता की आत्मा बनाते हैं और एक-एक शब्द को जीवंत बिंब, संकेत और विचार में बदल देते हैं।\u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49789210919149,"sku":null,"price":170.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/8IikiM4tDH.jpg?v=1776343582","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/products\/chuppi-ke-bahane-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}