{"product_id":"ateet-ke-nirjhar-atiit-ke-nirjhr-snsmrnn-prkaash-priym","title":"ATEET KE NIRJHAR | अतीत के निर्झर (संस्मरण)| प्रकाश प्रियम","description":"\u003cdiv\u003eप्रकाश प्रियम हिन्दी कविता-ग़ज़ल में अपनी जगह बनाता एक संभावनाशील नाम है। कुछ अरसा पहले एक पत्रिका में मैंने उनका 'फुटपाथों की अजब दुनिया' शीर्षक संस्मरण पढ़ा था। अच्छा लगा था। उस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी। कविता की तरह उनका गद्य प्रवाहमान है तो उनके पास एक ऐसी आँख भी है, जिससे वे कितना कुछ देख-दिखा सकते हैं। अब इनकी संस्मरणों की यह पुस्तक जिसमें उनके जीवन की छोटी-छोटी घटनाएँ या स्मृतियाँ हैं, जो सिर्फ़ उनकी अपनी ही नहीं पाठक की भी हैं। किसी भी अच्छी रचना की यही विशेषता होती है कि लेखक पाठक को भी उस मन:स्थिति तक ले जाए, जहाँ से उसकी यात्रा शुरू होती है।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eठेठ गाँव-ढाणी का जीवन, बच्चों का बचपन, उनकी शरारतें, वहाँ की मान्यताएँ, छुआछूत, अंधविश्वास आदि को समेटते हैं ये संस्मरण। बच्चे से किशोर और किशोर से युवा होते एक लेखक के निर्माण के साक्षी हैं। \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e— डॉ. सत्यनारायण \u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49104343367917,"sku":null,"price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/EJX1GRYGFU.jpg?v=1765095089","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/products\/ateet-ke-nirjhar-atiit-ke-nirjhr-snsmrnn-prkaash-priym","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}