{"product_id":"aadmi-tha-gaon-ka-ghazals-आदमी-था-गाँव-का-ग़ज़ल-संग्रह","title":"Aadmi Tha Gaon Ka | Ghazals | आदमी था गाँव का (ग़ज़ल संग्रह)","description":"\u003cdiv\u003e\u003cstrong\u003e'आदमी था गाँव का' में दस दर्जन के करीब ग़ज़लें शामिल की गई हैं। इनकी ज़मीं शायर मेघांश ने कहीं से उधार नहीं ली है। मेघांश ने वो सारा दर्द और स्थितियाँ ख़ुद जी हैं या अपने आस-पास देखी हैं। यही वजह है कि इनके शेर सच्चे हैं। सच्चे शेर की ख़ुश्बू निराली ही हुआ करती है यही वजह होती है कि ग़ज़ल का एक-एक शेर रूह को छू जाता है। शेर शायर और श्रोताओं एवं पाठकों के बीच अव्यक्त संवाद होते हैं। वो ही शेर या ग़ज़ल हर इंसान को प्रभावित करती है जो समय, स्थिति और काल से परे हो। यही सार्वभौमिकता और सार्वकालिकता एक शेर या एक ग़ज़ल की जान होती है। तभी तो कोई एक शेर पूरे व.क्तव्य की यात्रा तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सहज ही करा देता है। हो सकता है किसी ग़ज़ल के सारे शेर इतने मुकम्मल न हो पाएँ फिर भी एक-दो शेर भी पूरी ग़ज़ल को परवान पर ले जाते हैं।\u003c\/strong\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003e\u003cem\u003e— सतीश व्यास 'आस' \u003c\/em\u003e\u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49789253550317,"sku":null,"price":240.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/pyWViCLTdv.jpg?v=1776344118","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/products\/aadmi-tha-gaon-ka-ghazals-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}