{"product_id":"राधेश्याम-प्रेस-की-भ्रमर-इतिहास-और-विरासत","title":"राधेश्याम प्रेस की 'भ्रमर' : इतिहास और विरासत","description":"\u003cdiv\u003e'भ्रमर' राधेश्याम प्रेस, बरेली से प्रकाशित मासिक पत्रिका, जिसने राष्ट्रीय आंदोलन, स्वदेशी और जनजागरण के युग में हिन्दी पत्रकारिता को एक जीवंत दिशा दी। \u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eपं. राधेश्याम कथावाचक की प्रेरणा से जन्मी, गोपीवल्लभ उपाध्याय और पं. रामनारायण पाठक के सम्पादन में प्रकाशित होने वाली यह पत्रिका केवल साहित्यिक आदर्शों की वाहक नहीं थी; वह स्वतंत्रता-संग्राम की चेतना, सनातन मूल्यों और राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रसार का सशक्त माध्यम भी बनी।\u003c\/div\u003e\u003cdiv\u003eप्रस्तुत पुस्तक 'भ्रमर' के संक्षिप्त किन्तु गौरवपूर्ण जीवन-काल, उसकी राष्ट्रीय भूमिका, सम्पादकीय दृष्टि, विज्ञापन-कला, कविताओं के राष्ट्रीय स्वर तथा राधेश्याम प्रेस की कार्य-पद्धति का गहन और प्रामाणिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। दुर्लभ सामग्री और मौलिक शोध के साथ हरिशंकर शर्मा ने इस विलुप्त होती विरासत को पुन: जीवंत किया है, जो आज भी हिन्दी पत्रकारिता और राष्ट्रीय चेतना के इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय है।  \u003c\/div\u003e","brand":"Vera Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":68140205768941,"sku":null,"price":290.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/1kMfdBwAB5.jpg?v=1793602628","url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/products\/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}