{"title":"Complete '1000 Prashnottari Series' Collection","description":"","products":[{"product_id":"1000-hindi-sahitya-prashnottari","title":"1000 Hindi Sahitya Prashnottari","description":"वर्तमान युग में हर व्यक्‍त‌ि को जीवन के विभिन्न स्तरों पर अनेक प्रतियोगिताओं से गुजरना पड़ता है । राज्य स्तर पर और केंद्रीय स्तर पर विभिन्न महत्त्वपूर्ण संस्थानों के महत्त्वपूर्ण पदों के लिए ली जानेवाली प्रतियोगी परीक्षाओं में अन्य विषयों के साथ- साथ हिंदी भाषा और साहित्य से संबंधित वस्तुनिष्‍ठ प्रश्‍नों पर आधारित प्रश्‍न भी सम्मिलित होते हैं ।इस पुस्तक में 1000 प्रश्‍नों को अठारह महत्त्वपूर्ण अध्यायों - भाषा, हिंदी साहित्य का इतिहास, कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध- आलोचना, रेखाचित्र- संस्मरण, आत्मकथा-जीवनी, यात्रा साहित्य, रिपोर्ताज, साक्षात्कार और पत्र साहित्य, काव्य शास्त्र, साहित्यिक पत्रकारिता, संस्थाएँ पुरस्कार, चित्रावली तथा विविध-में बाँटा गया है । प्रत्येक प्रश्‍न के लिए अध्याय का निर्धारण पाठकों की सुविधा के लिए किया गया है ।समय की माँग और समय की कमी के कारण साहित्य के विराट‍् फलक में प्रवेश कर उसे आत्मसात् करने का अवसर बहुतों के पास नहीं है । यह पुस्तक बहुत सुगमता से ऐसे व्यक्‍त‌ियों को हिंदी साहित्य के महत्त्वपूर्ण बिंदुओं और वस्तुनिष्‍ठ तथ्यों से परिचित कराने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है ।पुस्तक में हिंदी साहित्य के व्यापक परिदृश्य पर फैले केंद्रीय और महत्त्वपूर्ण प्रश्‍नों को समेटने की कोशिश की गई है । भाषा संबंधी प्रश्‍नों के साथ-साथ हिंदी साहित्य का इतिहास, काव्य शास्त्र, साहित्यिक संस्थाओं, पुरस्कारों से संबंधित प्रश्‍न इसमें सम्मिलित हैं ।कुछ महत्त्वपूर्ण रचनाकारो की चित्रावली भी इसमें समाविष्‍ट है । यह पुस्तक अपने आपमें हिंदी साहित्य का इतिहास है ।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":43922166612205,"sku":null,"price":333.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Paperback","offer_id":43922166644973,"sku":null,"price":190.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177212693_main_d08a5390-8074-4b42-b898-96e49a4e6d81.png?v=1680030464"},{"product_id":"1000-hindu-dharma-prashnottari","title":"1000 Hindu Dharma Prashnottari","description":"हिंदू धर्म अत्यंत प्राचीनतम है। यह समय की कसौटी पर परखे गए कर्मकांडों एवं अनुष्‍ठानों, गहन शोधपरक धर्मग्रंथों एवं मिथकों या पुराणों की सतत प्रक्रिया का परिणाम है। यह विश्‍व या ब्रह्मांड के समष्‍टि एवं व्यष्‍टि, पुरुष एवं प्रकृति, ब्रह्म और जीव के सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का मार्ग है। प्रश्‍नोत्तरी रूप में तैयार इस कृति से हिंदू धर्म के मूल तत्त्वों का विस्तृत ज्ञान मिलता है; जैसे—दर्शन, धर्मग्रंथ, मंदिर-स्थापत्य कला, मूर्तिकला, अनुष्‍ठान आदि। ‘होम, यज्ञ और अग्नि कर्मकांड’ अध्याय वैदिक अनुष्‍ठान या कर्मकांड संबंधी परंपरा का उत्कृष्‍ट उदाहरण है। विश्‍वास है, प्रस्तुत पुस्तक से सामान्य पाठकों एवं विद्वानों तथा किसी भी आधुनिक हिंदू के मन में हिंदू धर्म के विविध पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्‍त करने के प्रति रुचि उत्पन्न होगी। वस्तुत:,यह पुस्तक हिंदुत्व का संदर्भ ग्रंथ है।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":43922166677741,"sku":null,"price":238.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9789390101412_main_43df82b5-55e2-436b-a862-f0850c01ac5f.jpg?v=1680030462"},{"product_id":"1000-kalam-prashnottari","title":"1000 Kalam Prashnottari","description":"1000 कलाम प्रश्‍नोत्तरीभारत के पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अद‍्भुत मेधा के धनी हैं। विलक्षण वैज्ञानिक के रूप में अग्नि मिसाइल के जनक होने के साथ-साथ भारत के महत्त्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। भारत के राष्‍ट्रपति के रूप में उन्होंने लगभग दस लाख बच्चों से संवाद कर उन्हें प्रेरित किया। उनके प्रभावशील व्यक्‍तित्व ने अनेकानेक लोगों को कर्तव्य-पथ पर अग्रसर किया है।प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. कलाम के तपस्वी जीवन, उनके संघर्ष तथा उनकी उपलब्धियों को ही नहीं, उनके आध्यात्मिक चिंतन एवं राष्‍ट्रप्रेम को प्रश्‍नोत्तर शैली में वर्णित किया गया है। इस कारण से यह पुस्तक आम पाठकों के अलावा विद्यार्थियों, परीक्षार्थियों एवं क्विज शो में भाग लेनेवाले प्रतियोगियों के लिए विशेष उपयोगी है।एक तरह से डॉ. कलाम के प्रेरणाप्रद जीवन का विश्‍वकोश है यह पुस्तक।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":43922166710509,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177211672_main_76398a70-32c9-4e6c-b1fd-e5a76cc5cfc4.png?v=1680030466"},{"product_id":"1000-itihas-prashnottari","title":"1000 Itihas Prashnottari","description":"1000 इतिहास प्रश्नोत्तरीइतिहास का खेल न्यारा है; और इतिहास अपने को दुहराता भी है। इसीलिए इतिहास में लोगों की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है—चाहे वह परिवार का हो, राष्ट्र का हो या विश्व का। प्रस्तुत पुस्तक एक सामान्य पाठक और उसके इतिहास के ज्ञान के स्तर को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है। पुस्तक को बहुविकल्पीय प्रश्नों की शैली में लिखा गया है।चार भागों में विभक्त पुस्तक को महत्त्वपूर्ण उपभागों में बाँटा गया है; जैसे—सिंधु घाटी सभ्यता के स्रोत, वैदिक सभ्यता, मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य, जैन एवं बौद्ध धर्मों का उदय, दक्षिण के साम्राज्य, मुगल काल, मराठा राज्य, अंग्रेजी शासन और भारत का स्वतंत्रता संघर्ष आदि। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें एक सही उत्तर है, जिससे पाठक प्रश्न का सही उत्तर ढूँढ़ने के लिए अपनी तर्कशक्ति का भी प्रयोग कर सकते हैं।विश्वास है, पुस्तक पाठकों को अच्छी लगेगी तथा उनके इतिहास के ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगी।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":43922166743277,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177212754_main_ad750f6c-2dec-4e25-9b98-d65246dd1c20.png?v=1680030464"},{"product_id":"1000-modi-prashnottari","title":"1000 MODI PRASHNOTTARI","description":"राष्ट्र को सर्वोपरि माननेवाले कोटिकोटि भारतीयों की जनाकांक्षाओं के केंद्रबिंदु भारत के जनप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सबके मानस में हैं। लोग उनको जाननेसमझने की तीव्र जिज्ञासा रखते हैं। भारत हो या विश्व का कोई भी कोना—जहाँ नरेंद्र मोदी जाते हैं, वहाँ उनका अपूर्व स्वागत होता है। परंतु अहंकार भाव उन्हें छू भी नहीं गया है। वे कहते हैं—‘जब विदेश में मैं किसी राजनेता से उनके समकक्ष बात करता हूँ तो मेरे पीछे मेरे सवा अरब भारतीयों की शक्ति का संबल होता है।’ऐसे राष्ट्रनायक के अनेक रूप हैं—एक सामाजिक कार्यकर्ता, राष्ट्रनिष्ठ राजनेता, कर्तृत्वशील प्रधानमंत्री, ओजस्वी वक्ता, प्रखर चिंतक, प्रभावी लेखक। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के समुचित विकास हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएँ बनानेवाले नरेंद्र मोदी के सभी आयामों को संकलित किया है इस पुस्तक में।प्रश्नोत्तर के रूप में नरेंद्र मोदी के जीवन को जानने का अवसर उपलब्ध कराती एक पठनीय पुस्तक।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":43922166808813,"sku":null,"price":333.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177212631_main_65b99c0c-74d5-4c5d-ac53-46aea8cd7b5c.png?v=1680030469"},{"product_id":"1000-patrakarita-evam-jansanchar-prashnottari","title":"1000 Patrakarita Evam Jansanchar Prashnottari","description":"वर्तमान युग में जन-संचार माध्यमों की भूमिका का क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है । आजादी के बाद के साठ वर्षों में जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव आया है । आज अखबार मित्रता करना भी सिखा रहे हैं । अखबार उपहार दिलाते हैं, विदेश की सैर कराते हैं और नकद इनाम भी दिलाते हैं ।पत्रकारिता एवं जन-संचार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव आया है । प्रिंट मीडिया की आज देश के कोने-कोने तक पहुँच है । खोजी पत्रकारिता एवं स्टिंग ऑपरेशन आज खूब लोकप्रिय हैं । प्रेस का दायरा एवं दायित्व बहुत बढ़ गए हैं । लोकतंत्र में पत्रकारिता यानी मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है ।आज की भागमभाग की जीवनचर्या में सभी के पास समय का अभाव है । दूसरे, आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता का बोलबाला है । इसी को ध्यान में रखकर पत्रकारिता जगत् की समस्त जानकारी वस्तुनिष्‍ठ प्रश्‍नों के रूप में दी गई है । प्रस्तुत पुस्तक में जनसंचार के सिद्धांत प्रशिक्षण, पत्रकारिता का इतिहास, प्रिंट मीडिया, फोटो पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, टी.वी., केबल चैनल, कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रेस कानून, विज्ञापन, स्टिंग ऑपरेशन, जनसंपर्क इत्यादि से संबंधित एक हजार प्रश्‍न दिए गए हैं ।प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विश्‍व- विद्यालयों में पढ़ाए जानेवाले पत्रकारिता एवं जन-संचार के पाठ्यक्रमों के आधार पर तैयार की गई है । निश्‍चय ही यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है ।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":43922166874349,"sku":null,"price":333.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177213515_main_524a68b2-fd83-4a6c-8021-1c39e4ab0ea6.png?v=1680030470"},{"product_id":"1000-rasayan-vigyan-prashnottari","title":"1000 Rasayan Vigyan Prashnottari","description":"वस्तुतः रसायन विज्ञान प्रकृति, पर्यावरण और जीवन से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। और तो और पृथ्वी पर जीवन का प्रादुर्भाव भी जटिल रासायनिक प्रतिक्रियाओं का ही परिणाम है। यहाँ तक कि जीवन की प्रत्येक गतिविधि में रासायनिक क्रिया-प्रतिक्रिया छिपी है। रासायनिक प्रतिक्रियाओं के बिना जीवन संभव नहीं है।प्रस्तुत पुस्तक में रसायन विज्ञान के महत्त्वपूर्ण अध्यायों, जैसे कि परमाणु संरचना, कार्बन और उसके यौगिक, धातुएँ और अधातुएँ, विलयन, नाभिकीय रसायन इत्यादि के अंतर्गत उपयोगी वस्तुनिष्‍ठ प्रश्‍नों का समावेश किया गया है। छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं सामान्य वर्ग के पाठकों के लिए यह पुस्तक निश्‍च‌ित ही अत्यंत उपयोगी साबित होगी।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":43922166907117,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177211757_main_4a31145c-24c1-471b-a127-a9c637151230.png?v=1680030472"},{"product_id":"1000-jeev-jantu-prashnottari","title":"1000 Jeev Jantu Prashnottari","description":" 1000 जीव-जंतु प्रश्‍नोत्तरी ' में संसार भर के समस्त जीवों-चाहे वे जल में वास करनेवाले हैं या जमीन पर रहनेवाले हैं अथवा गगन में स्वच्छंद विचरण करनेवाले; जमीन पर रेंगनेवाले, पानी में तैरनेवाले या जमीन पर जीवन के लिए संघर्ष करनेवाले हैं-उनकी आदतों, वातावरण, रहन-सहन, शिकार एवं भोजन प्राप्‍त‌ि, उनकी संतति तथा उनकी जीवन- रक्षा की पद्धति से संबंधित रहस्यपूर्ण व जानकारीपरक वर्णन है ।जीव-जगत् का समग्र दिग्दर्शन करानेवाले जंतु विज्ञान का विशद् ज्ञान कराने के उद‍्देश्य से एक हजार प्रश्‍नों का संकलन बड़ी सूझ-बूझ और सुबोध एवं सरल भाषा में किया गया है ।प्रस्तुत पुस्तक को पढ़कर पाठकगण जीव-जंतुओं के अनोखे संसार की रोचक जानकारी प्राप्‍त कर इस क्षेत्र में अपने ज्ञान का विस्तार सहज ही कर पाएँगे ।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118480093421,"sku":null,"price":333.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1476350097.jpg?v=1685771888"},{"product_id":"1000-samajshastra-prashnottari","title":"1000 Samajshastra Prashnottari","description":" एक पृथक् व स्वतंत्र विषय के रूप में समाजशास्त्र का प्रादुर्भाव पिछली शताब्दी में ही हुआ है। मनु, कौटिल्य, कन्फ्यूशियस, लाओत्से, प्लेटो, सुकरात तथा अरस्तु आदि प्रसिद्ध सामाजिक दार्शनिक हुए। सामाजिक घटनाओं के व्यवस्थित व क्रमबद्ध अध्ययन तथा विश्लेषण हेतु एक पृथक् एवं स्वतंत्र विज्ञान समाजशास्त्र का नामकरण फ्रांसीसी विद्वान् ऑगस्त कॉम्ट (1798-1857) ने किया। सन् 1876 में सर्वप्रथम येल विश्वविद्यालय, अमेरिका में समाजशास्त्र के अध्ययन-अध्यापन का कार्य प्रारंभ हुआ। भारत में 1914 में बंबई विश्वविद्यालय में इस विषय का अध्ययन कार्य प्रारंभ हुआ।वर्तमान में अनेक विश्वविद्यालयों में समाजशास्त्र से संबंधित शोध हो रहे हैं। आज समाजशास्त्र एक स्वतंत्र एवं प्रतिष्ठित विषय के रूप में विद्यालय से विश्वविद्यालय तक के विविध पाठ्यक्रमों में शामिल है।प्रस्तुत पुस्तक में प्रश्नोत्तरी शृंखला के अंतर्गत समाजशास्त्र के अति महत्त्वपूर्ण पक्षों को उद्भाषित व स्पष्ट करने का सार्थक प्रयास किया गया है। जिससे न केवल समाजशास्त्र के शिक्षार्थी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षार्थी, बल्कि इस विषय के जिज्ञासु पाठक भी लाभान्वित होंगे।","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118481207533,"sku":null,"price":475.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1476351551.jpg?v=1685771944"},{"product_id":"1000-samajshastra-prashnottari-1","title":"1000 Samajshastra Prashnottari","description":" एक पृथक् व स्वतंत्र विषय के रूप में समाजशास्त्र का प्रादुर्भाव पिछली शताब्दी में ही हुआ है । मनु, कौटिल्य, कन्फ्यूशियस, लाओत्से, प्‍लूटो, सुकरात तथा अरस्तू आदि अनेक प्रसिद्ध सामाजिक दार्शनिक हुए हैं । सामाजिक घटनाओं के व्यवस्थित व क्रमबद्ध अध्ययन तथा विश्‍लेषण हेतु एक पृथक् एवं स्वतंत्र विज्ञान समाजशास्त्र का नामकरण फ्रांसीसी विद्वान् ऑगस्त कॉम्‍ट ( 1798 - 1857) ने किया । सन् 1876 में सर्वप्रथम येल विश्‍वविद्यालय, अमेरिका में समाजशास्त्र के अध्‍ययन - अध्यापन का कार्य प्रारंभ हुआ । भारत में सन् 1914 में बंबई विश्‍वविद्यालय में इस विषय का अध्ययन कार्य प्रारंभ हुआ । वर्तमान में अनेक विश्‍‍वविद्यालयों में समाजशास्त्र से संबंधित शोध हो रहे हैं । आज समाजशास्त्र एक स्वतंत्र एवं प्रतिष्‍ठ‌ित विषय के रूप में विद्यालय से विश्‍‍वविद्यालय तक के विविध पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जा रहा है । प्रस्तुत पुस्तक में समाजशास्त्र के अति महत्त्वपूर्ण पक्षों को प्रश्‍नोत्तर शैली में प्रस्तुत किया गया है, जिससे न केवल समाजशास्त्र के शिक्षार्थी बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षार्थी व जिज्ञासु पाठक भी लाभान्वित होंगे ।.","brand":"Prabhat Prakashan Pvt 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भारतीय संविधान के प्रधान निर्माता-शिल्पकार के रूप में महान् कार्य किया। इन सबसे परे वे एक महान् समाज-सुधारक, मानव अधिकारों के चैंपियन और पददलितों के  मुक्तिदाता थे, जिन्होंने अपना सारा जीवन आधुनिक भारत की नींव रखने में तथा नए भारत की सामाजिक चेतना को जगाने में समर्पित कर दिया। सन् 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से विभूषित किया गया।प्रस्तुत है डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रेरणाप्रद यशस्वी जीवन का दिग्दर्शन करानेवाली पुस्तक, जिसमें प्रश्नोत्तर के ���ाध्यम से भारत निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया गया है।________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________अनुक्रमभूमिका — Pgs. 71. पारिवारिक जीवन — Pgs. 112. विद्यार्थी जीवन — Pgs. 293. व्यावसायिक जीवन — Pgs. 474. बौद्धिक जीवन — Pgs. 565. सामाजिक-राजनीतिक जीवन — Pgs. 646. धार्मिक जीवन — Pgs. 1547. अंतिम यात्रा — Pgs. 168उत्तर-सूची — Pgs. 176","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118503457005,"sku":null,"price":333.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1535102574.jpg?v=1685772954"},{"product_id":"1000-jharkhand-prashnottari","title":"1000 Jharkhand Prashnottari","description":"\u003cp\u003eझारखंड खनिज-संपदा में भारत का सबसे संपन्न प्रदेश है। कुछ वर्ष पूर्व तक यह बिहार प्रदेश का प्रमुख हिस्सा था। यह अपनी आदिवासी जनजातियों, भाषा-बोली, नदी-बाढ़, सांस्कृतिक परंपराओं, रीति-रिवाजों, खनिज-लवण, कला एवं संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।आज की व्यस्त दिनचर्या में समय का बड़ा अभाव है, इसलिए सभी विषयों में प्रश्‍नोत्तर शैली अधिक लोकप्रिय होती जा रही है। किसी विषय की कम-से-कम समय में अधिक-से-अधिक जानकारी पाने का यह सरल तरीका है।अतः इस पुस्तक में इसी उद‍्देश्‍य की पूर्ति हेतु झारखंड की सम्यक् जानकारी को निम्न अध्यायों के अंदर प्रस्तुत किया गया है—झारखंड का इतिहास, झारखंड आंदोलन, भौगोलिक अवस्थिति, नदी तंत्र, खनिज-संसाधन, उद्योग-धंधे, कृषि-पशुपालन, वन एवं राष्‍ट्रीय उद्यान, जनजातीय समाज इत्यादि। ये 1,000 प्रश्‍न झारखंड की उपयोगी जानकारी का सार-रूप हैं।प्रतियोगी परीक्षार्थी ही नहीं, आम पाठकों के लिए भी समान रू�� से उपयोगी प्रश्‍नोत्तरी श्रृंखला की एक और महत्त्वपूर्ण कड़ी।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118569943277,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177211351.jpg?v=1685775700"},{"product_id":"1000-bhautik-vigyan-prashnottari","title":"1000 Bhautik Vigyan Prashnottari","description":"\u003cp\u003eप्राचीन काल से ही मानव भौतिक जगत् में घटनेवाली प्राकृतिक घटनाओं, जैसे रात-दिन का होना, ऋतु में परिवर्तन होना, भूकंप के झटके लगना, ज्वालामुखी का विस्फोट होना, उल्कापात होना इत्यादि के कारणों को समझने का प्रयास करता रहा है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से ये घटनाएँ मानव-जीवन को प्रभावित करती हैं। भौतिक विज्ञान के द्वारा इनका गहन अध्ययन किया जाता है।विज्ञान विषयक एवं सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में भौतिकी के प्रश्‍न निश्चित रूप से शामिल रहते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में भौतिक विज्ञान की प्रमुख शाखाओं से संबंधित विभिन्न अध्यायों, जैसे कि मापन, गति के नियम, कार्य, ऊर्जा और शक्‍ति, द्रवों का प्रवाह, दोलन, तरंगें, चुंबकत्व एवं चुंबकीय मापन इत्यादि के अंतर्गत वस्तुनिष्‍ठ प्रश्‍नों का संकलन किया गया है। विद्यार्थियों, प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे छात्र-छात्राओं एवं सामान्य वर्ग के पाठकों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है��\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118594060525,"sku":null,"price":475.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/files\/415wP_2JjdL._SX433_BO1_204_203_200.jpg?v=1692004460"},{"product_id":"1000-puratattva-prashnottari","title":"1000 Puratattva Prashnottari","description":"\u003cp\u003e'पुरातत्त्व' शब्द का अर्थ बहुत ही व्यापक है। इसमें प्रागैतिहासिक, आद्य-ऐतिहासिक तथा ऐतिहासिक सभी काल आ जाते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में मुद्राशास्त्र, अभिलेख शास्त्र, मूर्ति निर्माण कला, वास्तुकला, उत्खनन, पुरास्थलों से संबंधित 1000 प्रश्न संकलित हैं। यद्यपि इतने कम प्रश्नों में इस व्यापक विषय को समेटना एक दुष्कर कार्य है, परंतु इतिहास एवं पुरातत्त्व के विद्यार्थियों तथा रुचि रखनेवाले पाठकों के लिए पुरातत्त्व संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्यों को प्रश्नोत्तरी शैली में प्रस्तुत किया गया है।प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें एक सही उत्तर है। इससे पाठक अपने तर्कशक्ति के आधार पर अपने ज्ञान को कसौटी पर परख सकते हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118604742893,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1562224000.jpg?v=1685778251"},{"product_id":"1000-uttar-pradesh-prashnottari","title":"1000 UTTAR PRADESH PRASHNOTTARI","description":"\u003cp\u003e1000 उत्तर प्रदेश प्रश्‍नोत्तरीउत्तर प्रदेश भारत का सबसे घनी आबादीवाला प्रदेश है। राजधानी लखनऊ एक ऐतिहासिक नगर होने के साथ-साथ नवाबी तहजीब के लिए प्रसिद्ध है। यह देश के उत्तरी भाग में स्थित है। स्वतंत्रता की लड़ाई में इसका महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। यह अनेक राष्‍ट्रभक्‍तों की जन्म-स्थली एवं कर्म-स्थली रहा है। देश को सर्वाधिक सांसद एवं प्रधानमंत्री देने का गौरव इसको प्राप्‍त है।यहाँ विभिन्न जाति व संप्रदाय के लोग रहते हैं। यहाँ की इतनी विविध और महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जिनका दुनिया में कोई शानी नहीं; जैसे—खुर्जा का पॉटरी उद्योग, बनारस की साड़ियाँ, फिरोजाबाद का चूड़ी उद्योग, इलाहाबाद का कुंभ, दुनिया का सातवाँ अजूबा विश्‍व-प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल यहीं स्थित है।उत्तर प्रदेश की संपूर्ण जानकारी को 1,000 प्रश्‍नों में समेट पाना दुष्कर कार्य है। फिर भी शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, हस्तशिल्प, पर्यटन, लोक-पर��पराएँ, दर्शनीय स्थल, ऐतिहासिक महत्त्व आदि की जानकारी को सार रूप में प्रश्‍नोत्तर शैली में प्रस्तुत किया गया है।आज बढ़ती प्रतियोगिता के वातावरण में ऐसी पुस्तकों की लोकप्रियता बढ़ रही है। विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118611067117,"sku":null,"price":190.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/9788177211412.jpg?v=1685778629"},{"product_id":"1000-samvidhan-prashnottari","title":"1000 Samvidhan Prashnottari","description":"\u003cp\u003eशिक्षा से लेकर परीक्षा तक, जन साधारण से लेकर उच्चतम न्यायालय तक अकसर संविधान की चर्चा की जाती है; किंतु संविधान के बारे में तथ्यपूर्ण एवं व्यवस्थित जानकारी गिने-चुने लोगों को ही है। विभिन्न कारणों से आम आदमी भारत के संविधान के बारे में प्रायः अनभिज्ञ ही है, जबकि उसके मन में संविधान के बारे में समय-समय पर विविध प्रश्‍न उठते रहते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में प्रश्‍नोत्तर शैली में संविधान संबंधी जिज्ञासाओं का समुचित समाधान किया गया है। भारतीय संविधान की रचना कब, क्यों और किन परिस्थितियों में की गई आदि के संबंध में तथ्यपरक जानकारी के लिए पुस्तक के आरंभ में संविधान-रचना की पृष्‍ठभूमि, संविधान-सभा के गठन, संविधान के स्वरूप आदि का निरूपण किया गया है। इसी प्रकार संविधान में निरूपित विभिन्न विषयों को शीर्षकबद्ध प्रस्तुत किया गया है। सभी वर्गों के पाठकों को भारत के  विधान का ज्ञान करानेवाली अत्यंत महत्त्वपूर्ण पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":44118612181229,"sku":null,"price":166.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1518151470.jpg?v=1685778736"},{"product_id":"1000-sangh-prashnottari","title":"1000 Sangh Prashnottari","description":"\u003cp\u003eविश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की उपस्थिति समाज के लगभग हर क्षेत्र में अनुभव की जा सकती है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में चाहे किसी भी विरोधी या आलोचक ने कुछ भी आरोप क्यों न लगाया हो, कुछ भी कहा हो; परंतु जब भी अपने देशवासियों पर विपत्ति आई है, संघ के स्वयंसेवकों ने सदा जनता की सेवा की है और उसके बदले में कभी किसी चीज की अपेक्षा नहीं की। संघ के कार्यकर्ताओं (स्वयंसेवकों) ने देशभक्ति एवं निस्स्वार्थ सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है, जिसके चलते सर्वोदय नेता श्री प्रभाकर राव ने आर.एस.एस. को 'रेडी फॉर सेल्फलेस सर्विस' (निस्स्वार्थ सेवा के लिए तत्पर) का नया नाम दिया।प्रस्तुत पुस्तक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित समस्त जानकारी (तथ्यों की) वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है। पुस्तक को तैयार करते समय संघ से संबंधित उन सभी महत्त्वपूर्ण विषयों को सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है, जिसके बारे में आमतौर पर कम जानकारी उपलब्ध है। प्रस्तुत पुस्तक में संघ का प��रादुर्भाव, प्रार्थना, भगवा ध्वज (गुरु), शाखा, संघ शिक्षा वर्ग, संघ की भौगोलिक रचना, गणवेश, खेल, उत्सव, साहित्य, संपूर्ण संघ परिवार, संघ से जुड़ी संस्थाएँ, संघ के सभी सरसंघचालक, संघ के प्रमुख व्यक्तित्व जैसे सर्वश्री दीनदयाल उपाध्याय, नानाजी देशमुख, दत्तोपंत ठेंगड़ी आदि संघ द्वारा की गई समाज-सेवा आदि से संबंधित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं।आशा है यह पुस्तक संघ के विषय में अधिकाधिक जानने के जिज्ञासु पाठकों का ज्ञानवर्धन करके उन्हें राष्ट्र-निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।______________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________अनुक्रमभूमिका—71. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : एक नजर में—112. संघ का प्रारंभ—183. संघ विस्तार और प्रार्थना—284. संघ भगवा ध्वज (गुरु)—375. संघ शाखा—416. संघ शिक्षा वर्ग—477. संघ : भौगोलिक रचना—548. संघ प्रचारक—599. संघ गणवेश—6110. संघ खेल—6311. संघ उत्सव—6812. हिंदुत्व—7213. संघ साहित्य—7714. संघ परिवार-1—8015. संघ परिवार-2—9616. संघ से जुड़ी संस्थाएँ—12317. हिंदू स्वयंसेवक संघ—13218. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (सरसंघचालक)—13519. माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर—14220. बालासाहब देवरस (सरसंघचालक)—14621. प्रो. राजेंद्र सिंह (सरसंघचालक)—14922. के.एस. सुदर्शन (सरसंघचालक)—15123. मोहनराव भागवत (सरसंघचालक)—15424. संघ : प्रमुख व्यतित्व—15625. नानाजी देशमुख—16726. संघ पर प्रतिबंध—17227. संघ एवं आपातकाल—17928. संघ एवं समाज-सेवा—19129. संघ और राजनीति—19530. विविध—203उार-सूची (व्याया सहित)—208परिशिष्ट—राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विकास का घटनाक्रम : एक नजर में—257संघ के सरसंघचालक —260संघ प्रार्थना—261संघ की प्रतिज्ञा—261संघ रचना दायित्वानुसार—262संघ परिवार : एक दृष्टि में—262\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118612705517,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1492236360.jpg?v=1685778783"},{"product_id":"1000-bihar-prashnottari","title":"1000 Bihar Prashnottari","description":"\u003cp\u003eप्राचीन समय में भारत को 'सोने की चिड़िया' कहा जाता था, वहीं बिहार को 'ज्ञान की खान'—जहाँ 'नालंदा' तथा 'तक्षशिला' जैसे विश्वविद्यालय और चाणक्य जैसे आचार्य ज्ञान का वितरण करते थे। बिहार की पावन धरती अपने ऐतिहासिक गौरव, सांस्कृतिक वैभव, भौगोलिक संपन्नता, प्राकृतिक सुरम्यता, वन संपदा एवं जीव-जंतुओं की विविधता के कारण अनेक ऐतिहासिक घटनाओं की साक्षी रही है।प्रस्तुत पुस्तक में बिहार से संबंधित समस्त जानकारी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है। पुस्तक को तैयार करते समय बिहार से संबंधित उन सभी विषयों को सम्मलित करने का प्रयास किया गया है, जिनके बारे में पाठकों को बहुत कम जानकारी है। प्रस्तुत पुस्तक में बिहार का इतिहास, राजनीतिक संरचना, भौगोलिक स्वरूप, उद्योग-धंधे, कृषि, वन, पयर्टन, शिक्षा, कला एवं संस्कृति, पुरस्कार व सम्मान एवं खेलकूद इत्यादि से संबंधित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं और हर प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से एक सही है। ये एक हजार जानक���रियाँ सीधे-सादे ढंग से भी दी जा सकती थीं, लेकिन इस स्थिति में पाठकों के अंदर उत्सुकता नहीं जागती और स्वयं उत्तर खोजने का आनंद भी उन्हें नहीं मिलता। यह विधि अधिक रुचिकर है।एक तरह से बिहार का विश्वकोश है यह प्रश्नोत्तरी पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt 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सम्मानों; संस्कार, योग, वेद, स्मृति, दर्शन एवं अन्यान्य ग्रंथों के संबंध में संक्षिप्‍त व महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्‍त कर सकेंगे। विश्‍वास है, प्रस्तुत पुस्तक सामान्य पाठकों के अलावा लेखकों, संपादकों, पत्रकारों, वक्‍ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी। वस्तुत:, यह भारतीय संस्कृति का संदर्भ कोश है।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Hardbound","offer_id":44118640853229,"sku":null,"price":380.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Paperback","offer_id":44118640885997,"sku":null,"price":190.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0355\/1415\/5141\/products\/1680524727.jpg?v=1685780400"}],"url":"https:\/\/rekhtabooks.com\/hi\/collections\/complete-1000-prashnottari-series-collection.oembed?page=2","provider":"Rekhta Books","version":"1.0","type":"link"}